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फैकल्टी व सुविधाएं नहीं मिली तो आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज ने बंद किया बीबीए और बीसीए

3 वर्ष पहले
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आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में सत्र 2018-19 से बैचलर ऑफ बिजनेस एप्लीकेशन (बीबीए) और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) कोर्स में दाखिले नहीं होंगे। यह फैसला पिछले सप्ताह आयोजित हुई जनभागीदारी समिति की बैठक के दौरान लिया गया है।

कोर्स बंद होने का निर्णय होते ही कॉलेज प्रबंधन ने भी अपनी वेबसाइट से इन्हें हटा दिया है। कोर्स बंद करने का कारण विद्यार्थियों की संख्या कम होना बताया जा रहा है। लेकिन जब मामले की पड़ताल की गई तो सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों से कॉलेज में बीबीए और बीसीए कोर्स संचालित तो हो रहे थे, लेकिन इनमें न तो पर्याप्त स्टाफ था और न ही सुविधाएं। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन ने अपनी गलतियों को सुधारने की जगह कोर्स की बंद करने का निर्णय ले लिया।

विवि में बीबीए और बीसीए की 90 सीटों के लिए

1700 स्टूडेंट्स ने दी है प्रवेश परीक्षा

कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि पिछले पांच साल में इन कोर्स में कुल 50 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। वहीं प्रबंधन ने उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि जिन कोर्स में 10 से कम स्टूडेंट्स हैं उन्हें बंद करने के आदेश हैं। वहीं दूसरी तरफ विवि में आयोजित हुई प्रवेश परीक्षा पर नजर डाले तो यहां बीबीए के लिए 40 सीट हैं और 145 आवेदक। इसके अलावा बीसीए में प्रवेश के लिए तो यह कॉम्पीटिशन और भी कड़ा है। बीसीए की 50 सीटों के लिए 1500 से भी ज्यादा आवेदकों ने प्रवेश परीक्षा दी है। ऐसे में प्रवेश परीक्षा देने वाले हर छात्र का विवि में दाखिला होना संभव नहीं है। वहीं आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से भी यह कोर्स अलग होने के बाद अब इन छात्रों को प्राइवेट कॉलेजों में ही प्रवेश लेना पड़ेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कॉलेज प्रबंधन और जनभागीदारी समिति ने प्राइवेट संस्थानों को लाभ देने के लिए कोर्स बंद किए हैं?

विवि में बीबीए और बीसीए की 90 सीटों के लिए

1700 स्टूडेंट्स ने दी है प्रवेश परीक्षा

कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि पिछले पांच साल में इन कोर्स में कुल 50 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। वहीं प्रबंधन ने उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि जिन कोर्स में 10 से कम स्टूडेंट्स हैं उन्हें बंद करने के आदेश हैं। वहीं दूसरी तरफ विवि में आयोजित हुई प्रवेश परीक्षा पर नजर डाले तो यहां बीबीए के लिए 40 सीट हैं और 145 आवेदक। इसके अलावा बीसीए में प्रवेश के लिए तो यह कॉम्पीटिशन और भी कड़ा है। बीसीए की 50 सीटों के लिए 1500 से भी ज्यादा आवेदकों ने प्रवेश परीक्षा दी है। ऐसे में प्रवेश परीक्षा देने वाले हर छात्र का विवि में दाखिला होना संभव नहीं है। वहीं आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से भी यह कोर्स अलग होने के बाद अब इन छात्रों को प्राइवेट कॉलेजों में ही प्रवेश लेना पड़ेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कॉलेज प्रबंधन और जनभागीदारी समिति ने प्राइवेट संस्थानों को लाभ देने के लिए कोर्स बंद किए हैं?

Ãबीबीए और बीसीए कोर्स में स्टूडेंट्स की संख्या कम होने के कारण कॉलेज प्रबंधन को कोर्स को संचालित करने में परेशानी आ रही थी। इसलिए जनभागीदारी समिति ने इन्हें बंद करने का निर्णय लिया है। -डॉ. जीएस रोहित, प्राचार्य आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज

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