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जिनवाणी शास्त्र संरक्षण के महापर्व श्रुत पंचमी पर निकाली शोभायात्रा

3 वर्ष पहले
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सागवाड़ा। दिगंबर जैन समाज ने सोमवार को जिनवाणी शास्त्र संरक्षण का महापर्व श्रुत पंचमी मनाई। जैन बोर्डिंग के वात्सल्य सभागार में जिनेंद्र भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। आचार्य कनकनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में आदिनाथ दिगंबर जैन जूना मंदिर से भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को रजत पालकी गंधकुटी और प्राचीन षटखंडागम ग्रंथ को काष्ठ निर्मित पालकी में विराजित कर पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकाली। महिला महासभा की सदस्यों ने सिर पर जिनवाणी लेकर चल रही थी। शोभायात्रा कंसारा चौक, पार्श्वनाथ चौक, मांडवी चौक होते हुए वापस जूना मंदिर पहुंची। इस मौके पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य कनकनंदी महाराज ने कहा कि प्रत्येक श्रावक को मां जिनवाणी की सारसंभाल और सुरक्षा करनी चाहिए। यह अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन धरसेन आचार्य के शिष्य पुष्पदंत, भूतबली ने षटखंडागम ग्रंथ को पूर्ण किया था। तब से मां जिनवाणी की आराधना का यह पर्व मनाया जा रहा है। सभा के दौरान आचार्य कनकनंदीजी की ओर से रचित विभिन्न ग्रंथों का विमोचन किया गया। समारोह में अठारह हजार दशा हूमड़ दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश खोड़निया, सेठ दिलीप नोगमिया, ट्रस्टी नरेंद्र खोड़निया, राजमल शाह, गजेंद्र गोवाडिय़ा, मनोहर कोठारी, महेंद्र शाह, मुनि संघ सेवा समिति अध्यक्ष डॉ. कैलाश जैन, महिला महासभा अध्यक्ष प्रेरणा शाह, डॉ. विपिन शाह, पवन गोवाड़िया, जैन जाग्रति महिला मंच अध्यक्ष गरीमा शाह सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे। इससे पूर्व साधना कोठारी के संयोजन में जैन बोर्डिंग के शास्त्र भंडार में सभी शास्त्रों को सदस्यों द्वारा व्यवस्थित किया गया।

सागवाड़ा. श्रुत पंचमी पर निकाली शोभायात्रा में सिर पर जिनवाणी लिए महिलाएं।

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