चितरी थाना क्षेत्र में नादिया पंचायत के खेड़ासा गांव कीएक विवाहिता के विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत का खुलासा नहीं होने से परिजनों ने रोष है।
मृतका आशा (34) प|ी गौतमलाल भोई की बुधवार को तबीयत बिगडऩे पर सागवाड़ा अस्पताल लाने के बाद रैफर करने पर परिजन उसे उदयपुर के सरकारी अस्पताल ले गए थे। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के शव को गुरुवार देर शाम को गलियाकोट अस्पताल में लाकर रखवाया। शुक्रवार को एसडीएम गोपाललाल स्वर्णकार और चीतरी एसएचओ अजयसिंह की मौजूदगी में डॉ. सौरभ पाटीदार, डॉ. महेंद्र सिंह जाखड़ सहित टीम का मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम में लिए सेंपल को उदयपुर की फोरेंसिक लैब में भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी।
वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने बताया कि कोर्ट के माध्यम से 1 फरवरी 2017 को बसंत पंचमी पर विवाह हुआ था। इधर, मृतका के जीजा दुर्गाशंकर, भाई राजकुमार खेरवाड़ा, गौतम भोई गेंजी, जमाई प्रभुलाल उदयपुर सहित पीहर पक्ष के लोगों ने एसडीएम को बताया कि आशा आत्महत्या नहीं कर सकती है। साथ ही बताया कि आशा के अंगूठे पर इंकपेड के निशान मिले है। शायद किसी दस्तावेज पर मरने के बाद अंगूठा लगवाया गया है। जिस पर ससुराल पक्ष के लोगों ने कहा कि सागवाड़ा अस्पताल में पुलिस को बयान देते हुए इंकपेड से अंगूठा करवाया था।
गलियाकोट में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कार्रवाई करते।