साहेबगंज अस्पताल में हाथ पंखा से गर्मी दूर भगाते लोग।
भास्कर न्यूज | साहेबगंज
एक तरफ सरकार गांव से लेकर शहरों तक 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही हैं। लेकिन हकीकत इन दावों से काफी दूर है। बिजली की किल्लत सबसे ज्यादा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में है। साहेबगंज का उधवा प्रखंड मुख्यालय इस का जीता जागता उदाहरण है। बिजली की किल्लत का सबसे ज्यादा खामियाजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती मरीजों को उठाना पड़ता है, जो बीमारी से तो लाचार हैं ही गर्मी से भी परेशान रहते हैं। उधवा मे बिजली की लचर व्वस्था के कारण स्वास्थ्य केंद्र में मरीज गर्मी में रहने को मजबूर हैं।
मरीजों का कहना है कि दिन भर में महज चार घंटा ही बिजली दी जाती है। चिलचिलाती धूप व गर्मी से मरीज परेशान हो जाते हैं। जो स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 26 पंचायत के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, लेकिन बिजली नियमित रूप से नहीं रहने से मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बता दें कि उधवा प्रखंड क्षेत्रों में थोड़ी सी बारिश होने पर बिजली काट दी जाती है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली को लेकर पॉवर हॉउस फोन करके पूछा जाता है तो वहां से बताया जाता है कि 33 हजार ब्रेकडाउन हैं। जिसकी वजह से प्रखंड क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। बताया जाता है कि स्टोन क्रशरों पर अवैध रूप से बिजली मिस्त्री की मिलीभगत से बिजली दिया जाता हैं। बिजली को लेकर प्रखंड क्षेत्रों के ग्रामीणों ने कई बार विरोध भी कर चुंका है। लेकिन बिजली विभाग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस संबंध में बिजली विभाग के कनीय अभियंता अंजु कच्छप से संपर्क करने का प्रयास किया गया। परंतु संपर्क नहीं होने पर उनका पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका।