कस्बे के गुमट मौहल्ले से सैंपऊ रोड के लिए पालिका द्वारा एक नाले का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया और उन्होंने इस नाले निर्माण को रूकवाने के लिए काफी अनुरोध किया, लेकिन पालिका द्वारा फरियाद ना सुने जाने पर स्थानीय लोगों ने कस्बे में करीब एक घंटे जाम लगा दिया। जिस पर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नाले निर्माण के कार्य को रूकवा कर उच्च स्तरीय जांच कमेटी को सौंपने का आश्वासन दिया।
विरोध के दौरान पूर्व सरपंच रामदीन सिंह परमार के नेतृत्व में कई घंटे नागरिकों ने विरोध किया, इस दौरान टोटरी-अलीगढ रोड पर जाम भी लगाया गया, नागरिकों का कहना है की बाद में नगर पालिका प्रशासन द्वारा जब नाला निर्माण का काम रोक देने का आश्वासन मिला तब जाकर मामला शांत हुआ है, विरोध प्रदर्शन के दौरान सरपंच विशंभर सिंह, राजेश सिंह के साथ मुरारी लाल शर्मा, विनोद अग्रवाल, पार्षद आविद अली खान, दिनेश गर्ग, धर्मवीर गुर्जर के साथ सैंपऊ रोड के दर्जनों नागरिक मौजूद रहे।
बाड़ी. नाला निर्माण रूकवाने के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण।
नाले निर्माण से कस्बे में आएगा गंदा पानी-स्थानीय लोग
भास्कर प्रतिनिधि द्वारा जब स्थानीय लोगों से नाले निर्माण का रूकवाने का कारण जानने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि अग्रसेन काॅलोनी, अजीजपुरा रोड गुमट सहित आधा दर्जन मौहल्लों का पानी इस नाले के जरिए सीधा कस्बे में अंदर आवेगा जिससे कस्बे के सैंपऊ रोड़ के मकानों में नाले का पानी अंदर तक घुस आएगा। जहां पालिका द्वारा कस्बे को साफ सुथरा रखने का दावा किया जाता है तो वहीं एेसे बिना किसी नक्शे और सूझबूझ के नाले निर्माण से कस्बे में गंदगी कम होने के बजाय बढ़ेगी ही।