किसानों को शहरों में पटवारियों के पास जमीन संबंधी काम करवाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वजह है पटवारियों के लिए तहसीलों में पटवारखाने न होना। ऐसे में पटवारी शहर की गली-मोहल्लों में किराए के मकानों में अपना काम चला रहे हैं। इन जगहों पर पटवारियों को ढूंढ़ने में किसानों को बहुत दिक्कत आ रही है। यह दफ्तर 2 से 3 किलोमीटर दूर हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को तहसील कैंपस से पटवारियों के दफ्तर तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। अगर किसी तरह पहुंच भी जाएं तो पटवारी अपने दफ्तर में मौजूद ही नहीं होते। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। समाना और पातड़ां के पटवारखाने तो माल विभाग पंजाब ने बनवा दिए लेकिन उन्हें अभी तक चालू ही नहीं किया गया। इनमें मुकम्मल सुविधाएं भी नहीं दी गईं। किसानों की मांग है कि तहसील के अंदर ही पटवारखाने हों ताकि पटवारी वहीं मिल सकें। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर विक्रम सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा समाना का पटवार खाना 35 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। तहसीलदार समाना श्री रामकृष्ण से बात करने पर उन्होंने कहा कि समाना के पटवारखाने की इमारत तैयार हो चुकी है। जल्द ही वहां पटवारी बैठने शुरू हो जाएंगे। इस मौके पर किसान रन सिंह भीमाखेड़ी, सचिन कुमार, राजिंदर सिंह व अन्य मौजूद रहे।
समस्या
समाना के किसान बोले-तहसील में ही बने पटवारखाना
तहसील कॉम्प्लेक्स में पटवारखाना चालू करने की मांग करते समाना के किसान।
भास्कर संवाददाता|समाना
किसानों को शहरों में पटवारियों के पास जमीन संबंधी काम करवाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वजह है पटवारियों के लिए तहसीलों में पटवारखाने न होना। ऐसे में पटवारी शहर की गली-मोहल्लों में किराए के मकानों में अपना काम चला रहे हैं। इन जगहों पर पटवारियों को ढूंढ़ने में किसानों को बहुत दिक्कत आ रही है। यह दफ्तर 2 से 3 किलोमीटर दूर हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को तहसील कैंपस से पटवारियों के दफ्तर तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। अगर किसी तरह पहुंच भी जाएं तो पटवारी अपने दफ्तर में मौजूद ही नहीं होते। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। समाना और पातड़ां के पटवारखाने तो माल विभाग पंजाब ने बनवा दिए लेकिन उन्हें अभी तक चालू ही नहीं किया गया। इनमें मुकम्मल सुविधाएं भी नहीं दी गईं। किसानों की मांग है कि तहसील के अंदर ही पटवारखाने हों ताकि पटवारी वहीं मिल सकें। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर विक्रम सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा समाना का पटवार खाना 35 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। तहसीलदार समाना श्री रामकृष्ण से बात करने पर उन्होंने कहा कि समाना के पटवारखाने की इमारत तैयार हो चुकी है। जल्द ही वहां पटवारी बैठने शुरू हो जाएंगे। इस मौके पर किसान रन सिंह भीमाखेड़ी, सचिन कुमार, राजिंदर सिंह व अन्य मौजूद रहे।