मप्र लेखक संघ इकाई सनावद के तत्वावधान में पद्मश्री पंडित रामनारायण उपाध्याय के जन्म शताब्दी समारोह व गीतकार दीपक पगारे की पुस्तक का विमोचन समारोह गुरुवार रात को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार गेंदालाल जोशी ने रामा दादा से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए उन्हें इस युग का महान साहित्यकार बताया। उन्होंने गीतकार दीपक पगारे को निमाड़ी व हिंदी गीतों का सशक्त हस्ताक्षर बताते हुए पुस्तक प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दी।
खंडवा के नवगीतकार व ख्यात साहित्यकार 51 से ज्यादा पुस्तकों के रचयिता अशोक गीते ने रामा दादा की जन्मशताब्दी पर उन्हें अपना प्रेरणास्त्रोत मानते हुए साहित्य जगत का अदभूत साहित्यकार व प्रखर व्यक्तित्व का धनी कहा। उन्होंने गीतकार दीपक पगारे के गीतों की प्रशंसा करते हुए उन्हें निमाड़ी व हिंदी गीतों के माध्यम से अमिट छाप छोड़ने के लिए शुभकामनाएं दी। वरिष्ठ गीतकार व साहित्यकार हरीश दुबे ने रामा दादा की उपलब्धियां गिनाते हुए दीपक पगारे को निमाड़ी व हिंदी गीतों को समृद्ध करने वाला गीतकार कहा। निमाड़ लोक संस्कृति न्यास के अध्यक्ष एवं गीतकार शिशिर उपाध्याय ने रामा दादा के संस्मरण व उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें साहित्यकारों के लिए प्रेरणापुंज बताया व जन्मशताब्दी समारोह की पूर्णाहुति के अवसर पर सभी साहित्यप्रेमियों से 20 जून को कालमुखी में आयोजित गणगौर सम्मान समारोह में शामिल होने का आह्वान किया।
पुस्तक का विमोचन करते पदाधिकारी।