20 अप्रैल को नपा कर्मचारियों की एक दिनी काम बंद हड़ताल
प्रदेश के अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ सरकार ने मंगलवार को नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सातवें वेतनमान देने के लिए आदेश जारी किए हैं। वैसे तो इस आदेश से निकाय के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ना चाहिए थी लेकिन आदेश में जो मापदंड शर्तेंं लागू की गई है उसमें लाभ कैसा मिलेगा इसे लेकर बनी संशय की स्थिति ने कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ा दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दोहरी नीति अपनाई गई है। नगर निगम और नगर पालिका परिषद की स्थापना व्यय की सीमा सातवां वेतनमान के भुगतान में बड़ा रोड़ा बन सकती है। इसके विरोध में सनावद नगर पालिका के कर्मचारी भी 20 अप्रैल को प्रदेशव्यापी काम बंद हड़ताल में शामिल होंगे। मप्र नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ खरगोन के जिलाध्यक्ष हरिराम सिंधिया के अनुसार 1 मई से अनिश्चितकालीन काम बंद किया जाना प्रस्तावित है।
कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान में नगरी निकाय में सफाई कर्मचारियों सहित स्थापना व्यय 75 फीसदी तक होने पर कर्मचारियों को विशेष भत्ता, नियमितीकरण स्थाई कर्मी सहित अन्य लाभ नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में अब सातवें वेतनमान के लिए नगर निगमों में स्थापना व्यय की सीमा 55 व आगामी 3 साल में 50 फीसदी और नगर पालिका परिषद में क्रमशः 55 से 60 फीसदी सीमा शर्ते लागू की गई है। ऐसे में स्थापना व्यय की सीमा घटने से सातवें वेतनमान का लाभ मिलने पर कर्मचारियों में संशय की स्थिति निर्मित हो गई है।
अधिकारियों के लिए परीक्षण नहीं
कर्मचारियों के अनुसार आदेश में कर्मचारियों पर कई बंधन हैं लेकिन अधिकारियों पर मेहरबानी की गई है। आदेश में कहा गया है कि राज्य नगरी सेवाओं के सदस्यों को एक जनवरी 2016 से लाभ देते हुए निकायों में पदस्थ अधिकारियों को वित्तीय सक्षमता के परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी जबकि कर्मचारियों के लिए ऐसा कुछ नहीं है। इस दोहरी नीति से कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
ग्राम सभा में बड़वाह कस्बा पंचायत को 5 पंचों और रहवासियों ने दो भागों में बांटने की मांग
भास्कर संवाददाता | बड़वाह
10 हजार वोटरों वाली बड़वाह कस्बा पंचायत को दो भागों में विभाजित करने की पांच पंचों और रहवासियों ने एक बार फिर मांग की। ग्राम सभा में करियामाल, टावरबेडी, बजरंग घाट, जबरन काॅलोनी, चारण मोहल्ला, मछली बाजार क्षेत्र के रहवासी पहुंचे। इस दौरान रहवासियों ने पंचायत क्षेत्र की अव्यवस्थाओं से तंग आकर पंचायत को दो हिस्सों में विभक्त करने के लिए सचिव रूपसिंग चौहान और सरपंच प्रतिनिधि रुबाब खान को आवेदन देकर मांग की। रहवासी पूर्व में भी जनपद पंचायत की जनसुनवाई में प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई सकारात्मक कार्रवाई न करने से दुखी पंचायतवासी अब उच्चस्तर पर जाने को मजबूर हैं।
पंचायत के पंच नीतू श्याम रावत, इम्तयाज कुरैशी, कमरून बी कुरैशी, मंजूर अली, शेख इकरार सहित रहवासियों ने बताया सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए करीब 2 किमी का रास्ता तय करके दशहरा मैदान स्थित पंचायत पहुंचना पड़ रहा है। यदि वहां सचिव-सरपंच उपस्थित ना हो या विभागीय कार्य से उपस्थित ना हो तो पूरे दिन की मजदूरी से हाथ धोकर दूसरे दिन पंचायत जाना पड़ता है। इस कारण मजदूरी पेशा लोगों को एक-दो दिन की छुट्टी मारने से आय का आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होंने बताया कस्बा पंचायत बड़वाह की वर्तमान आबादी 40 हजार से अधिक हो चुकी है।
कड़ा विरोध करेंगे
मप्र नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्रसिंह सोलंकी के अनुसार इस आदेश का प्रदेश स्तर पर कड़ा विरोध करेंगे। शुरुआत 20 अप्रैल से एक दिनी काम बंद हड़ताल से होगी। 28 अप्रैल को नगरी प्रशासन संचालनालय का घेराव करेंगे। 1 मई से प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल प्रस्तावित की गई है।
आवेदन देकर मांग करते रहवासी।