धर्म... विद्या के अभाव में संभव नहीं जीवन श्रेष्ठ बनना
सनावद | मनुष्य का जीवन पारस, कल्पवृक्ष, अमृत तथा कामधेनु के समान है। विद्या के द्वारा जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बालक का विद्यारंभ संस्कार करवाना आवश्यक माना गया है। विद्या के अभाव में जीवन को श्रेष्ठ बनाना संभव नहीं है। धर्मग्रंथों के अनुसार जिस प्राणी को विद्या नहीं आती, उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष से वंचित रहना पड़ता है। ऋषि चिंतन गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री महायज्ञ के माध्यम से बालक अर्णव सचिन कटारिया का विद्यारंभ संस्कार कराते हुए यज्ञाचार्य अनोखीलाल पटेल ने यह बात कही। पट्टी पर ऊँ लिखवाकर बालक अर्णव कटारिया का विद्यारंभ संस्कार करवाया गया।