देवली मांजी । मुख्यमंत्री राजे के सांगोद आगमन पर गुरुवार को भारतीय किसान के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने ज्ञापन देकर सिंचाई परियोजनाओं को क्रियान्वित करने करने की मांग की गई। सिंचाई परियोजना संघर्ष समिति के अध्यक्ष बन्ने सिंह चंद्रावत ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन सिंचाई मंत्री सावरमल जाट के कार्यकाल में आवां, किशोरपुरा व लाड़पुरा लघु सिंचाई परियोजना को सरकार ने स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके निर्माण को लेकर लैंड टू लैंड तक की प्रक्रिया भी हुई, लेकिन वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार आते ही उक्त परियोजना के मूर्त रुप को बदलकर इन्हें एनिकटों में तब्दील कर दिया गया।