पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • करोड़ों खर्च करने के बाद भी कोटड़ी जलप्रदाय योजना का लाभ नहीं

करोड़ों खर्च करने के बाद भी कोटड़ी जलप्रदाय योजना का लाभ नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सांगोद. कोटड़ी जलप्रदाय योजना का ऑफिस व फिल्टर प्लांट। यहां से नगर में होती है जलापूर्ति।

भास्कर न्यूज | सांगोद

करोड़ों खर्च करके कोटड़ी जलप्रदाय योजना तो बनकर तैयार हो गई लेकिन इसके शुरूआत के कुछ दिनों बाद ही सुचारू पानी सप्लाई की पोल खुल गई। सांगोद नगर के मोहल्ले व गलियां पानी के पानी को लेकर त्राहि-त्राहि कर रही है। ये समस्या यहां कई दिनों से गहरा रही है। मुख्यमंत्री के गुरुवार को सांगोद आगमन के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारियों ने ऐसे मोहल्लों की सुध लेकर वहां पर्याप्त पानी पहुंचाने के कोई इंतजाम नहीं किए है। इससे सांगोद नगर के कई मोहल्लों के वाशिंदों में आक्रोश व्याप्त है।

सांगोद नगर की जनसंख्या 40 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। पहले पूरे नगर में पुराने सिस्टम ट्यूबवैल से पानी की सप्लाई होती थी। इसके लिए जलदाय विभाग के पास एक दर्जन से अधिक टयूबवेल व दो उच्चाश्य टैंक थे। जैसे जैसे नगर की आबादी में इजाफा हुआ तो पूरा सिस्टम जवाब दे गया। वर्ष 2013-2014 में यहां पेयजल संकट गहराया तो सांगोद नगर के लोग सड़कों पर उतर आए तथा इन दोनों वर्षों में कई बार यहां चक्काजाम,धरना,प्रदर्शन व मटकी फोड़ जैसे आंदोलन लोगों ने किए। उस वक्त भाजपा ने भी पेयजल संकट का माेर्चा अपने हाथ में लेकर उस वक्त की गहलोत सरकार पर दबाव बनाया। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने सांगोद की पेयजल समस्या का स्थायी निराकरण करते हुए एक बड़ा तोहफा कोटड़ी जलप्रदाय योजना के नाम पर सांगोद को दिया। 21 करोड़ की जल प्रदाय योजना आई। लेकिन एक वर्ष बाद ही ये सिस्टम फेल हो गया।

पैसे तो खूब खर्च हुए, फिर भी पानी को तरसे: सांगोद नगर की कई कॉलोनियां व मोहल्ले ऐसे है जो कोटड़ी जलप्रदाय योजना के चालू होने के बाद भी स्वच्छ पीने के पानी को लेकर तरस रहे है। सांगोद स्थित नावघाट, बोहरा जी की गली, जामा मस्जिद, कुशवाह पाड़ा, कोटा रोड, कुम्हार पाड़ा, होली का चौक, दर्जियों की गली में पिछले एक माह से कम प्रेशर व गंदेला पानी आने की लोगों की शिकायत मिल रही है। जलदाय विभाग के एईएन हीरेंद्र किराड़,जेईएन आकाश शर्मा ने गत दिनों तकनीशियनों के साथ इन मोहल्लों की जलापूर्ति व्यवस्था का सुबह के वक्त जायजा लिया। उन्होंने जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वसन दिया लेकिन फिर भी व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।

सांगोद. नावघाट मोहल्ले का इंटेलवेल, जिससे की जाती है जलापूर्ति।

योजना के सिस्टम में नहीं है खराबी

कोटड़ी में योजना पूरे सिस्टम से लबरेज है। वहां किसी उपकरण का कोई अभाव नहीं है। पानी कैसे सांगोद नगर में कम पहुंच रहा है। इसका संचालन जलदाय विभाग के पास नहीं है। जलदाय विभाग के एईएन यहां रुकते कम है। केवल जेईएन ही पूरी योजना को संभालते है तथा उत्पन्न स्थितियों का समाधान करते है। उधर, सांगोद नगर पालिकाध्यक्ष देवकीनंदन राठौर के आवास पर तक पिछले कई दिनों से कम प्रेशर व गंदेला पानी आ रहा है। कई बार पीएचईडी के एईएन व एक्सईएन को सांगोद नगर की समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।

योजना के नाम चालू होने से लोगों को आशा बंधी थी कि अब हमें स्वच्छ पीने का पानी आसानी से मिलेगा,शुरूआत दिनों में योजना का क्रियानवन ठीक चला,बाद में पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया,अब कम प्रेशर से पानी आने की समस्या दिनों दिन बढ़ रही है,हम वार्ड में जाते है तो लोग उलाहना देते है,किस मुंह को लेकर लोगों के बीच जाएं। -बाबू कदीर, पूर्व पार्षद, सांगोद

पिछले एक पखवाड़े से पेयजल समस्या का असर झेल रहे है। पानी कम प्रेशर से आता है। कभी बदबूदार पानी आता है। पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को समस्या बताई लेकिन हालत नहीं सुधरे। इससे तो पुराना सिस्टम ठीक था। जिससे पीने का तो शुद्घ पानी मिलता था। -नंदगोपाल गोचर, जोलपा मार्ग, सांगोद

खबरें और भी हैं...