संगरूर| स्थानक जैन मुहल्ला मैग्जीन में धार्मिक समागम करवाया गया। धार्मिक समागम को संबोधित करते हुए पंडित र| श्री विनय मुनि महाराज के सुशिष्य परणीत मुनि महाराज ने कहा कि आज हमारी धारणा बन चुकी है कि हम खुद न बदल कर दूसरों को बदले। हमें यह याद रखना चाहिए कि जब तक हम खुद नहीं बदलेंगे तब तक सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते। हम केवल दूसरों को व्यवहार देख सकते है। परंतु हम किसी के बारे में चर्चा नहीं कर सकते। हम स्वयं अपनी चर्चा कर सकते है। यदि हमारा लक्ष्य मोक्ष है तो हम सभयक है। धन का नुकसान होने से कुछ नुकसान नहीं होता। चोरी चोरी पाप करने वाली व्यक्ति पापी व चोरी चोरी धर्म करने वाला व्यक्ति हीरे के सम्मान होता है। जो मनुष्य श्रावक वृति को पाल रहा है।