जीवन में संत का आगमन परमात्मा से मिला देता है : भारती
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से शिव निकेतन धर्मशाला में करवाई पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा के अंतिम दिवस की शुरूआत स्वामी उमेशानंद,साध्वी ईश्वरप्रीता भारती, बगीरथराय, दिनेश गुप्ता, विक्रम गोयल,व िक्रम गर्ग ने परिवार सहित पूजन कर की। कथा में श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री रूपेश्वरी भरती ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जीवन चरित्र हमारे जीवन के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जिस समय हमारे जीवन में संत का आगमन होता है तो वो केवल परमात्मा की बातें नहीं करता बल्कि परमात्मा से मिला देता है। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज परमात्मा की केवल बातें ही नहीं करते। बल्कि प्रत्येक मानव के घट में परमात्मा का दर्शन भी करवाते हैं। संस्थान द्वारा किसी को नशा छोड़ने के लिए नहीं कहा जाता बल्कि उन्हें उनके जीवन का बोधा करवा दिया जाता है जिसके पश्चात वह जीवन जागृति के कारण नशों का त्याग कर एक स्वच्छ और नैतिक जीवनयापन कर पाते हैं। इन्हीं युवाओं को आध्यात्मिक प्रेरणा के माध्यम से जागृत कर उन्हें आध्यात्मिक क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा रहा है। अध्यात्म ही संपूर्ण विकास की प्रक्रिया है। यही समस्त वेदों का सार है।
ज्योति प्रज्वलित करने के लिए विशेष रूप से डाॅ. सतपाल सिंगला,डाॅ.प्रकाश सिंगला,रणजीव सिंगला,मनदीप,चरणजीत,प्रेम गुगलानी,अच्छर गोयल,सुभाष सिंगला,चंदन सिंगला,शिव जिंदल, सुनीता शर्मा,मीनू कांसल,इंद्र तलवाड़,राजेश कुमार,मनप्रीत बांसल,भूषण कांसल, प्रवीण गोयल,आदि पहुंचे। अंत में सुनाम की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं द्वारा कथा व्यास साध्वी रूपेश्वरी भारती जी को और उनकी सारी टीम को सम्मानित किया गया।