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मांगों पर सरकार के मौन से पेंशनरों में रोष: अरोड़ा

3 वर्ष पहले
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गवर्नमेंट पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक राज्य मीडिया सलाहकार राज कुमार अरोड़ा की अगुवाई में तहसील कांप्लेक्स में हुई। इस दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने अपनी मांगो को लेकर डीसी घनश्याम थोरी से मुलाकात कर पंजाब सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। राज कुमार अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार पेंशनरों की मांगों पर मौन धारण किए बैठी है। पेंशनरों को उनका बनता हक नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण पंजाब के समूह पेंशनरों में रोष पाया जा रहा है। 22 मार्च को फ्रंट की मुख्यमंत्री के ओएसडी के साथ हुई बैठक में उन्हें विश्वास दिलवाया गया था कि अप्रैल के पहले माह में उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवा मामले को हल करवा दिया जाएगा, परंतु अभी तक उनकी बैठक नहीं करवाई गई है। जिस कारण पेंशनरों को फिर से संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस मौके पर रविंदर गुड्डू, लाल चंद सैनी, जसवीर खालसा, ओपी खिप्पल, ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. मनमोहन सिंह, करनाल सेखो, सुरिंदर सोढ़ी, रजिंदर चंगाल, नसीब चंद शर्मा, वेदप्रकाश सचदेवा, अमरदास, जरनैल सिंह, हरचरन सिंह, जगदेव चौहान आदि उपस्थित थे।

संगरूर में डीसी थोरी को मांगों संबंधी अवगत करवाते पेंशनर।

डीए का एरियर जारी न किया तो चुनाव में नतीजे भुगतने को तैयार रहे सरकार : पेंशनर्स

सुनाम| पंजाब सरकार कोर्ट के फैसलों को लागू न करने व जानबूझ कर कमियों वाले पत्र जारी करके पेंशनरों को परेशान व संघर्ष के लिए मजबूर कर रही है। पंजाब स्टेट पेंशनर कनफेडरेशन के राज्य वित्त सचिव प्रेम चंद ने बताया कि कोर्ट के आदेश अनुसार 2006 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों के स्केल रिवाइज करते समय कोर्ट के आदेश 01-12-2011 के नए पे ग्रेड के अनुसार 50 प्रतिशत पेंशन देनी जरूरी बनती है। जबकि ऐसा न होने पर उन्हें बार-बार बैंकों, खजानों को अपने केस भेजने पड़ रहे है। दिन प्रति दिन सरकार के नए आदेशों की पालना करने के लिए पेंशनरों को मजबूर किया जा रहा है। पंजाब सरकार को पेंशनर पहले ही अपनी 22 मार्च 2017 मोहाली की रैली में सावधान कर चुके है। अगर अब भी सरकार ने उनकी मांगे 22 महीने डीए का एरियर, तीन किश्तें व छठे ग्रेड पे कमिशन को जारी कर जल्दी नोटिफाई न किया तो इसके नतीजे सरकार को शाहकोट मे होने वाले उप चुनावों में भुगतने पड़ सकते है।

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