65 हजार भट्ठा मजदूरों से छिनेगा रोजगार, संघर्ष की चेतावनी
पंजाब सरकार की ओर से सर्दी के मौसम में ईंटों के भट्ठे बंद करने के फरमान से गुस्साए भट्ठा मजदूर सड़कों पर उतर आए। जिले भर से सैकड़ों की संख्या में जुटे मजदूरों ने शुक्रवार को शहर की सड़कों पर रोष मार्च कर डीसी कार्यालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। आरोप है कि पंजाब सरकार ने 1 सितंबर से 31 जनवरी तक भट्ठे बंद रखने का फरमान जारी कर दिया है, जिससे जिले के 218 भट्ठाें पर काम करने वाले साढ़े 32 हजार परिवारों के 65 हजार सदस्यों के रोजगार पर पड़ेगा। ऐसे में मांग की गई कि सरकार भट्ठे बंद रखने के फरमान को वापस लिया जाए वर्ना मजदूर अनिश्चित काल के प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
धरने को संबोधित करते सीटू के राज्य मीत प्रधान शेर सिंह फरवाही ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार खेतीबाड़ी सेक्टर और उद्योग को बर्वाद करने पर तुली है। अब पंजाब सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी कर 31 जनवरी तक भट्ठे बंद करने का आदेश दे दिया है, जिसका सीधा असर भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों पर पड़ेगा।
प्रदूषण कम करने को पंजाब सरकार ने 1 सितंबर से 31 जनवरी तक भट्ठे बंद रखने का फरमान किया जारी, सड़कों पर उतरे भट्ठा मजदूर
डीसी दफ्तर के सामने धरना लगा की नारेबाजी
संगरूर में डीसी दफ्तर के सामने नारेबाजी करते हुए मजदूर।
भट्ठा मजदूरों के समक्ष होगा रोजी-रोटी का संकट
तरसेम योद्धा का कहना है कि यदि संगरूर जिले की बात की जाए तो संगरूर में करीब 218 भट्ठे हैं। एक भट्ठे पर करीब 150 परिवारों के 300 सदस्य मजदूरी करते हैं। ऐसे में पंजाब सरकार के फरमान से संगरूर में 65 हजार भट्ठा मजदूरों के लिए कई माह तक काम नहीं मिलने के कारण रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। नोटिफिकेशन के अनुसार मजदूरों को अधिक से अधिक 60 दिन काम ही मिल पाएगा।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भट्ठा मालिकों से मांगा सहयोग
पंजाब भट्ठा मालिक ऐसो. के राज्य प्रधान सुखविंदर सिंह लाली का कहना है कि भट्ठा मालिकों की पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू से बैठक हुई थी। बैठक में काहन सिंह पन्नू ने कहा था कि भट्ठा मालिक प्रदूषण कम करने के लिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को सहयोग दे। 1 सितंबर से लेकर 31 जनवरी तक हवा मे काफी नमी होती है। इस दौरान भट्ठे न चलाए जाए। भट्ठा मालिकों ने अपनी सहमति दी है।