जय ज्वाला समिति द्वारा 12वां जागरण मैगजीन मोहल्ले में करवाया गया। ज्वाला जी से लाई पवित्र ज्योति माता के पंडाल में सुशोभित की गई। झंड़ा चढ़ाने व चुनरी की रस्म पंजाब प्रदेश कांग्रेस के राज्य महासचिव नत्थू लाल ढींगरा ने अदा की। समिति के चेयरमैन राज कुमार अरोड़ा ने बताया कि जागरण में पंडित विश्वामित्र व उनकी पार्टी द्वारा माता का गुणगान कर भक्तों को निहाल किया। विश्वामित्र ने धीआं जम्मियां ते गुड़ वी न बंडेया वियाही तो क्यों रोया बाबला, दूरों दूरों आये तेरे बच्चे अमड़िये, जित्थे जित्थे देखेया तेरा नूर वेखेया, नी मैं नचना मोहन दे लाल आज मैंनू नच लेन दे... आदि भेंटे गाई। समिति की ओर से मां दिवस को समर्पित 7 बुजुर्ग माताओं को सम्मानित भी किया गया। हनुमान मंदिर ने ठंडे पानी की सेवा व नगन बाबा साहिब दास सेवा दल ने जूतों की सेवा निभाई। इस मौके पर बलवीर कौर सैनी, समाजसेवी प्रीती महंत, महेश कुमार , जगजीत सिंह, रमेश बोबी, रजत गोयल, रिंकू गोयल, हैपी, रणधीर सिंह, भगवान सिंह, दीपक वर्मा, संदीप गोयल, अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।
जै ज्वाला समिति की ओर से करवाए गए जागरण में माथा टेकते भक्तजन।
तपा की अग्रवाल धर्मशाला में रासलीला.. श्रीकृष्ण की मक्खन चुराने की लीला का मंचन
बरनाला| तपा शहर में क्षेत्र की सुख-शांति व खुशहाली के लिए करवाए जा रहे श्री महालक्ष्मी यज्ञ के उपलक्ष्य में अग्रवाल धर्मशाला में चल रही रासलीला ने लोगों को भगवान श्रीकृष्ण की लीला में डूबने पर मजबूर कर दिया। राधा सर्वेश्वर लीला संस्थान वृंदावन मथुरा के कलाकारों द्वारा रासलीला के चौथे दिन श्रीकृष्ण के बचपन के दिनों की झांकियों पर नाटक पेश किया गया। श्रीकृष्ण की मक्खन चुराने की लीला विशेष रूप में दिखाई गई व उनके बचपन की चंचल शरारतों की लीला पर बच्चों ने खूब आनंद लिया। संचालक स्वामी शिवदयाल जी व गिरिराज प्रसाद ने बताया के उनके कलाकार पूरे देश में रासलीला का आयोजन कर चुके है और सभी कलाकार तीन पीढ़ियों से मंडली से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि रासलीला मंडली में सभी कलाकार ब्राह्मण परिवार से हैं व पूरे मन व विधि अनुसार ही रासलीला का आयोजन करते हैं। वही इस दौरान रासलीला देखने जुटे श्रद्धालु इतने मंत्र मुग्ध हुए, कथा खत्म होने से पहले अपनी जगह पर टस से मस नहीं हुए। रामलीला परिसर में चल रहे श्री महालक्ष्मी यज्ञ के हवनकुंड की परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगी। इस अवसर पर कमल सिंगला, लक्की कुमार,आशीष चौहान ने कहा कि मान्यता अनुसार हवनकुंडों के 108 परिक्रमा कर मांगी गई मन्नतें जरूर पूरी होती हैं। वहीं हवनकुंडों की परिक्रमा करके सभी श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख शांति की कामनाएं की।(कपिल गर्ग)
श्रीकृष्ण की झलकियां पेश करते हुए।
जागरण में निकाली गई झांकी।