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धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की जांच के लिए कमेटी ने घटनास्थलों का किया दौरा, गवाहों के बयान दर्ज
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी मामलों की जांच के लिए पंजाब सरकार द्वारा गठित पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह कमिशन द्वारा जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की गई वहीं घटनास्थलों का दौरा का मौके का मुआयना भी किया गया। इस दौरान कमीशन की ओर से गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कमीशन की अगुवाई पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रणजीत सिंह कर रहे हैं।
गांव रसालदार छन्ना, महिला व खड़ियाल के दौरे के समय रणजीत सिंह, डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन अंग्रेज सिंह व पूर्व एडिशनल सेशन जज रिटायर्ड कम रजिस्ट्रार जेपी महिमी के साथ लोगों से मिले। उन्होंने लोगों से घटना के बारे में जानकारी लेकर तथ्य एकत्रित किए। जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत भी की। कमीशन ने सबसे पहले गांव महिला के उस स्थान की जांच की जहां अगस्त 2016 में कुरान शरीफ की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके बाद कमीशन ने गांव खड़ियाल व रसालदार छन्ना का दौरा कर लोगों से बयान लिए। इन गांवों में साल 2015 व 2017 में बेअदबी की घटनाओं के मामले सामने आए थे। कमीशन की अगुवाई कर रहे रणजीत सिंह पूर्व जस्टिस हाई कोर्ट ने बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब के काफी जिलों में पहुंच कर रिपोर्ट एकत्रित कर ली गई है व अन्य जिले अमृतसर, बठिंडा, मानसा, गुरदासपुर व तरनतारन आदि का दौरा कर मई महीने तक सारी जांच प्रक्रिया मुकम्मल कर लिया जाएगा।
मई के अंत तक पूरी कर ली जाएगी जांच : रणजीत सिंह
संगरूर के गांव महिला में लोगों से बातचीत करते पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह।
पूर्व सीएम बादल पर बोले - आना न आना उनकी मर्जी
पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा कमीशन के पास पेश न होने के बारे में पूछे जाने पर जस्टिस रणजीत सिंह ने कहा कि जांच के दौरान कुछ ऐसा लगा था जिसके कारण प्रकाश सिंह बादल को जवाब देने के लिए कहा गया था। परंतु आना न आना उनकी मर्जी है।
कमीशन के लिए सारे धर्मों के लोग एक
रणजीत सिंह ने कहा कि कमीशन के लिए सारे धर्मों के लोग एक हैं व कमीशन की ओर से निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पंजाब सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि कमीशन की ओर से कुरान शरीफ बेअदबी मामले की जांच के लिए 25 अप्रैल को मालेरकोटला में घटना वाले स्थान का दौरा किया जाएगा।