गेहूं की बोली न होने पर किसानों ने की नारेबाजी
घाबदां की अनाज मंडी में पिछले पांच दिनों से किसान गेहूं की बोली को लेकर परेशान हो रहे हैं। किसानों का दावा है कि गेहूं की खरीद शुरू होने से लेकर आज तक 18 दिनों में सिर्फ एक दिन ही गेहूं की बोली लगी है। गुस्से में आए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में पंजाब सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
इस मौके पर यूनियन आगू मनदीप सिंह घराचों व लाभ सिंह खुराना ने कहा कि पंजाब सरकार गेहूं की खरीद के बड़े-बड़े दावे कर रही है। परंतु किसान अनाज मंडियों में परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू हुई है। परंतु अभी तक 18 दिनों के दौरान अनाज मंडी में सिर्फ एक बार ही गेहूं की बोली लगी है। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को गेहूं की बोली लगी थी। उसके बाद 5 दिन बीत चुके हैं। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में बैठकर बोलियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि न ही किसी भी खरीद एजेंसी का अधिकारी आया है व न ही कोई भी प्रशासन का अधिकारी आया है। इसके अलावा गांव बडरुखां में भी 5 दिन के बाद गेहूं की बोली लगी है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि अधिकारियों को अनाज मंडियों में भेजकर खरीद प्रबंधों का जायजा लिया जाए व खरीद शुरू करवाई जाए ताकि किसान परेशान न हों। किसानों ने चेतावनी दी है कि 19 अप्रैल तक गेहूं की खरीद शुरू न हुई तो गांव घाबदां के नजदीक बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर यातायात ठप कर रोष धरना लगाया जाएगा। इस मौके पर जगतार सिंह, चमकौर सिंह, गुरमेल सिंह, अमनदीप सिंह, सुखचैन सिंह, हैपी सिंह आदि उपस्थित थे।
संगरूर के गांव घाबदा में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान ।