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दो माह से मुफ्त दवा के लिए भटक रहे हेपेटाइटिस-सी के कई हजार मरीज

3 वर्ष पहले
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हेपेटाइटिस-सी मरीजों के मुफ्त उपचार के लिए पंजाब सरकार की ओर से शुरू की गई मुख्यमंत्री पंजाब हेपेटाइटिस सी रिलीफ फंड स्कीम की सच्चाई यह है कि जिले में पिछले दो माह से दवा पूरी तरह से नहीं पहुंच रही है। इसके चलते नए मरीजों को यह दवा नहीं दी जा रही है। यह स्थिति तब है जबकि संगरूर में पंजाब के मुकाबले मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। हेपेटाइटिस सी लीवर की बीमारी है। इसका वायरस पीढ़ी दर पीढ़ी या फिर दूसरे मरीज से व्यक्ति में फैल जाता है।

पंजाब सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अप्रैल 2018 तक पंजाब भर में हेपेटाइटिस के 44323 केस पाए गए, जिनमें संगरूर में सबसे अधिक 5936 केस दर्ज किए गए। ये वे केस हैं जो संगरूर सिविल अस्पताल में दर्ज हैं। प्राइवेट इलाज कराने वाले मरीजों का आंकड़ा सेहत विभाग के पास नहीं है। पिछले वर्ष 4 अप्रैल को संगरूर में 3684 मरीज दर्ज किए गए थे। एक वर्ष में 61 प्रतिशत तक मरीज और पहुंच गए। जिले में दवा की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजाना मरीज 50 किलोमीटर तक का सफर तय कर निराश लौट रहे हैं। संगरूर के बाद तरनतारन में 3889, मुक्तसर में 3727 और मोगा में 3358 मरीज दर्ज किए गए। सबसे कम मरीज पठानकोट में 77 दर्ज हुए। मुख्यमंत्री पंजाब हेपेटाइटिस सी रिलीफ फंड स्कीम के तहत मरीज का मुफ्त इलाज किए जाने का प्रावधान है, लेकिन संगरूर में पिछले दो माह से दवा नहीं आ रही है। अधिकारियों की मानें तो दवा की स्टोरेज पंजाब स्तर पर है। ऐसे में निर्देश दिए गए हैं कि नए मरीजों को दवा देने की बजाय पुराने मरीजों का उपचार जारी रखा जाए।

दवा लेने के लिए लाइन में लगे नए मरीज का पता चलते ही मरीज को लाइन से बिना दवा निकाल दिया गया।

भटक रहे मरीज

केस-1: दवा के लिए सप्ताह में दो चक्कर मार रहे

गांव छाजली के जसबीर सिंह का कहना है कि उसे हेपेटाइटिस सी पॉजीटिव है। दो माह से दवा के लिए सप्ताह में दो चक्कर अस्पताल के काट रहे हैं। दवा देना तो दूर की बात कोई नहीं बता रहा है कि दवा कब मिलेगी?

केस-2: नए मरीजों को नहीं दे रहे दवा

मालेरकोटला की परमजीत कौर का कहना है कि हेपेटाइटिस सी कंफर्म हो चुका है। 35 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल में दवा लेने आई तो बताया कि दवा की स्टोरेज न होने के कारण नए मरीजों को दवा नहीं दी जा सकती है। अस्पताल के बाहर 15 से 20 हजार की दवा है जिसे गरीबी के कारण नहीं खरीद सकते हैं।

मेडिकल औजारों में बरती जा रही लापरवाही से बढ़ रही बीमारी : डॉ. राहुल

संगरूर की बात की जाए तो सेहत विशेषज्ञों के अनुसार, संगरूर में हेपेटाइटिस के सबसे अधिक केस इसलिए हैं क्योंकि यहां मरीजों पर मेडिकल औजारों के इस्तेमाल में लापरवाही बरती जा रही है। सबसे अधिक केस मालेरकोटला क्षेत्र में सामने आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों का उपचार करने वाले विशेषज्ञ डॉ. राहुल का कहना है कि इसमें सबसे अधिक रिस्क फैक्ट मेडिकल औजारों में बरती गई लापरवाही पाई जा रही है। हेपेटाइटिस सी मरीज पर इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन की सुई और दांतों के इलाज के लिए इस्तेमाल किए गए औजारों से हेपेटाइटिस सी फैल रहा है।

पंजाब स्तर पर ही दवा की कमी चल रही है। ऐसे में पुराने मरीजों का उपचार बंद नहीं किया जा सकता। नए मरीजों को दवा आने के बाद ही दी जा सकती है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द दवा मिल जाएगी। -डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, संगरूर

पंजाब स्तर पर ही दवा की कमी चल रही

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