जैन स्थानक मैगजीन मोहल्ला में पंडित र| श्री विनय चंद्र के सुशिष्य सेवा भावी श्री परणीत मुनि महाराज ने धार्मिक समागम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य सत्य को जानते हुए भी असत्य को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। भले ही उसको बाद में पछताना पड़ता है। मनुष्य के मन के भाव बहुत जल्दी बदल जाते हंै। यदि हम अपने भावों को स्थिर नहीं करेंगे, तब तक हम समयक को प्राप्त नहीं कर सकते। इस मौके पर तपस्वी र| सुधीर मुनि जी महाराज ने कहा कि जैसे घी के दीये की ऊपर की तरफ जाती है। उसी तरह मोक्ष में जाना वाला व्यक्ति सीधा मोक्ष में ही जाता है। जिस आत्मा को मोक्ष में जाना होता है । वह हवाई जहाज की तरह बिल्कुल सीधा जाती है। जो आत्मा सड़की यात्रा की तरह टेढ़े मेढ़े रास्ते से जैसे मोड़, लाइटें आदि पर धीरे रूक कर जाती है। उसे मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। इसलिए हमें अपने मन को शुद्घ रखना होगा।
संगरूर के जैन स्थानक में प्रवचन सुनते श्रद्धालू।