भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
शहर के घटियावली रोड पर मोहर मंगरी के पास सोमवार सुबह पति के साथ नदी किनारे मजदूरी कर रही महिला अपने सात माह के शिशु को दूध पिलाने बैठी थी कि इसी दौरान पास खेल रही छह साल की बच्ची नदी में डूब गई। पता चला, तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थीं।
रतलाम जिले की रावटी तहसील के भगासेलो हाल ओछड़ी निवासी दिनेश भील्या मीणा अपनी प|ी गोबरी बाई के साथ यहां तहां मजदूरी कर गुजारा चलाते हैं। इस कारण उनके दो छोटे बच्चे भी साथ ही रहते हैं। गोबरीबाई सोमवार सुबह गांधीनगर से आगे मोहर मगरी क्षेत्र में गंभीरी नदी के किनारे एक ट्रैक्टर पर काम कर रही थी। इसी बीच वो सात माह के बच्चे को दूध पिलाने लगी। इस दौरान उसकी छह वर्षीय बेटी पायल नजर चुराकर गंभीरी नदी के कम पानी में नहाने चली गई। गहरे पानी में चले जाने से पायल डूब गई। बच्चे को दूध पिलाने के बाद जब गोबरीबाई को पायल नजर नहीं आई तो उसने पास में ही भरे पानी में देखा। बच्ची अचेत अवस्था में पानी में डूबी हुई थी। मां ने चिल्लाते हुए पायल को बाहर निकाला। आस-पास से भी लोग दौड़ कर आए। पायल को सांवलियाजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली थाने से एएसआई बरकत हुसैन व सिपाही गोपाल शर्मा भी मौके पर व अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव गोबरीबाई को सौंपा। इसके बाद वह एक,दो रिश्तेदारों के साथ अंतिम संस्कार के लिए शव को एंबुलेंस में लेकर रतलाम के लिए निकली।
पिता घर पर रुपए देने सुबह ही गांव गए थे ... बच्ची की मां गोबरीबाई ने रोते हुए बताया कि उसका पति दिनेश सोमवार सुबह ही रुपए देने गांव गया था। पीछे से यह हादसा हो गया। उसके एक बच्ची व एक बच्चा ही है।