तीनों शैलियों के चयनित छऊ नृत्य दलों को मिला पुरस्कार
कार्यक्रमों की भारी उहापोह के बीच जागरण रात्रि के साथ तीन दिवसीय राजकीय चैत्र पर्व छऊ महोत्सव सह पर्यटन मेला 2018 का समापन किया गया। जिला प्रशासन के तत्वावधान में सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित महोत्सव के तीसरे दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 7 बजे से छऊ मंच की पूजा के साथ किया गया। रात्रि 8:15 बजे से तीनों शैलियों के चयनित छऊ नृत्य दलों को पुरस्कृत किया गया।
रात्रि 9 बजे छऊ नृत्य कला की स्मारिका महुरी का विमोचन किया गया। परंपरा अनुसार रात्रि 9:15 बजे से यात्रा घट मंगलाचरण धुन के साथ शुभारंभ किया गया। इसका तात्पर्य बताया जाता है कि कला का यह सफर निरंतर जारी रहेगा। इसके बाद रात्रि जागरण करते हुए कलाकारों द्वारा पूरी रात्रि सरायकेला शैली के छऊ नृत्यों की प्रस्तुति की गई। चैत्र पर्व के धार्मिक अनुष्ठान के तहत मध्यरात्रि पाट भोक्ताओं द्वारा कालिका घाट लाया गया। इसके साथ ही परंपरागत चैत्र पर्व छऊ महोत्सव का समापन किया गया।
ये दल हुए सम्मानित
सरायकेला शैली
प्रथम- जय भोलेनाथ छऊ नृत्य क्लब जयरामसाई, मंझारी, पश्चिमी सिंहभूम
द्वितीय- शिव शक्ति छऊ नृत्य कला केंद्र देवगिरीसाई भुरुकुली.
तृतीय- शिव शंभू छऊ नृत्य कला मंदिर बागानसाई
खरसावां शैली
प्रथम- छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां
द्वितीय- भवेश छऊ नृत्य कला केंद्र देहुरीडीह, खरसावां
तृतीय- आदिवासी नवयुवक संघ छऊ नृत्य कला केंद्र बुंडू, रांगाडीह
मानभूम शैली
प्रथम- नटराज कला केंद्र चौगा ईचागढ़
द्वितीय- शिव शंभू कला केंद्र चौगा ईचागढ़
तृतीय- आदिवासी मानभूम छऊ नृत्य कला केंद्र जायडीह कुशपुतुल