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10 साल पहले पहुंची लाइन, अब तक नहीं आई बिजली

3 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रत्येक घर तक बिजली पहुंचाने का वायदा कर रहे हैं, लेकिन उपखंड के गोलीपुरा सहित कई गांव बिजली के अभाव में बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं।

उपखंण्ड के राजस्व गांव गोलीपुरा का आलम तो यह है कि दस वर्ष पूर्व विद्युत निगम ने पोल व लाइन खीचकर गांव को रोशन करने का सपना संजोया था, लेकिन निगम के अधिकारी विद्युत पोल व लाइन डालने के बाद कुम्भकर्णी नींद में सो गए। जिसके कारण आज तक गोलीपुरा रोशन नहीं हो सका। गोलीपुरा के लोग बिजली के अभाव में मायूस तो जरूर हैं, लेकिन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कभी ना कभी तो बिजली से गांव रोशन होगा। ग्रामीणों ने बिजली की आस में 21 परिवारों ने कनेक्शन के लिए आवेदन तक जमा करा दिए हैं। वहीं चार लोगों ने डिमांड राशि भी जमा करा दी है, लेकिन डिस्काॅम द्वारा योजना को अमल में नही लाया गया है। जिसके कारण गोलीपुरा के लोगों को गांव के रोशन होने की उम्मीद नहीं है। ग्रामीण हाकिमसिंह, हरीसिंह, शिवराम, चंदन व मानसिंह ने बताया कि विद्युत निगम द्वारा गांव में बिजली पहुंचाने के लिए दस वर्ष पूर्व विद्युत पोल व लाइन खीची गई थी। जिससे गांव में बिजली आने की उम्मीद जगी थी, लेकिन दस वर्ष गुजर जाने के बाद भी लोगों को बिजली नसीब नहीं हुई है। बिजली के अभाव में गांव के लोग चिमनी की लौह से रोशनी करने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि पांच माह से चिमनी जलाने के लिए रसद विभाग ने कैरोसिन भी उपलब्ध नहीं कराया है। जिसके कारण ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं। जेईएन बलवीरसिंह ने बताया कि विद्युत निगम द्वारा गोलीपुरा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय घरेलू ग्रामीण विद्युत योजना में शामिल कर लिया गया है। 20 से 25 दिन में गोलीपुरा को इलैक्ट्रीफाइड करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन लोगों ने डिमांड नोटिस जमा करा दिए हैं, उनके लिए सामान स्वीकृत कराया जा रहा है। वहीं बीपीएल परिवारों को योजना के अन्तर्गत निःशुल्क कनेक्शन किया जावेगा।

गोलीपुरा में ट्रैक्टर की बैटरी से चार्ज होते हैं मोबाइल, लोगाें में असंतोष

रात में चिमनी का उपयोग करते हैं ग्रामीण

युवा बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज करने के लिए ट्रेक्टर में लगी बैट्रियों का उपयोग करते हैं। वही रोशनी के लिए चिमनी व दीपक की लौह का उपयोग करते है। उपखंण्ड के गौलारी पंचायत में स्थित राजस्व गोलीपुरा सरमथुरा से महज सात किमी की दूरी पर स्थित है। राज्य सरकार द्वारा गांव तक सडक व पार्वती बाॅध वृह्द ग्रामीण पेयजल योजना के अन्तर्गत पानी तो पहुंचा दिया गया है। गांव में साठ परिवार के करीब निवास करते हैं, जो पूरी तरह पशुपालन पर निर्भर है। इसी प्रकार पंचायत के नएपुरा, झोर, सौरिका व डाॅगरीपुरा में बिजली का अभाव बना हुआ है।

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