संसार का नियम है किसी ने धरती पर जन्म लिया है तो ईश्वर की मर्जी से ही मृत्यु संभव है, लेकिन उपखंड के चंद्रावली में तपस्या कर रहा साधू ईश्वर की लीला को ही बदलना चाहता है। जिसके लिए साधू 12 वर्ष से जंगलों में जल, अग्नि व खडेसुरी लेकर तपस्या कर रहा है, जो चाहता है कि जंम मरण से मुक्ति मिल जाए। जंम देने व मृत्यु करने के लिए ईश्वर का विधान है, जिसे बदलने के लिए धोर साधू तपस्या कर रहा है। तपोभूमि के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाव उमड़ रहा है, लेकिन उद्देश्य किसी को पता नहीं है। उद्देश्य जानने के लिए भास्कर संवाददाता ने साधू से बात की तो मौजूद श्रद्धालु आश्चर्य चकित रह गए। साधू दामोदरदास ने बताया कि जंम मरण से मुक्ति पाने के लिए 12 वर्ष से लगातार तपस्यारत हूं। जिसकी शुरुआत हज्जपुरी से हुई थी। साधू 12 वर्ष में खैरारा, खूआ का तालाब, ददरौनी, मानपुरा, इंदौरा, क्षुशालपुर की खोह सहित मल्लपुरा मंदिर पर तपस्या कर चुका है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष में एक बार चार माह की तपस्या की जाती है। जिसका ऋतुओं के हिसाब से चयन किया जाता है। साधू ने बताया कि गर्मी के मौसम में अग्नि, सर्दी के मौसम में जल व बरसात के मौसम में एक पैर पर खडे़ होकर तपस्या करते हैं।
चंद्रावली के समाध मंदिर पर 45 डिग्री से अधिक तापमान पर गर्मी के मौसम में महिला, पुरूष व नौनिहाल कई किमी पैदल चलकर पहुंच रहे हैं। आग जैसी लपट से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। लेकिन अंधविश्वास के चलते साधू की तपस्या देखने श्रद्धालुओं का सैलाव उमड रहा है। श्रद्धालु मंगल गीत गाकर परिक्रमा कर रहे हैं, वही धूनी में ऊपला देकर पुण्य कमाने का श्रेय ले रहे हैं, लेकिन साधू के उद्देश्य से कोई भी श्रद्धालु परिचित नहीं है।
सरमथुरा. अग्नि की धूनी पर तपता साधू।
राम नाम के तेज से ही ब्रह्मा सृष्टि के जनक हैं और शिव संहारकर्ता
भास्कर संवाददाता|सैंपऊ
सोमवार को उपखंड क्षेत्र के गांव दौनारी मैं भर्रा मंदिर पर श्यामानंद महाराज की स्मृति में श्री राम कथा का आयोजन किया गया। संगीतमय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी तादाद में कन्या एवं महिलाएं सर पर कलश रखकर चल रही थीं। कलश यात्रा नगर भ्रमण के पश्चात कथा पंडाल में पहुंचकर संपन्न हुई। जहां कथा संयोजक ज्वाला नंद महाराज ने ठाकुरजी सहित व्यास व्यासपीठ की विधिवत पूजा अर्चना की। चित्रकूट धाम से पधारे जगतगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आयुष पाठक ने कथा के पहले दिन मानव जीवन में राम नाम संकीर्तन पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि राम नाम मानव ही नहीं देवों के लिए भी महामंत्र है इस मौके पर शास्त्रीय भजन एवं गजल गायक रामवीर परमार के द्वारा कथा में भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सैंपऊ. श्री राम कथा के प्रारंभ में कलश यात्रा में शामिल कन्या एवं महिलाएं।
कथा सुनने मात्र से से होता है जीव का कल्याण: शास्त्री
सैंपऊ। गांव राजपुर में बघेल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास योगेश कृष्ण शास्त्री ने आत्म कल्याण की बात कही। कथा के सार में कहा कि कथा सुनने मात्र से जीव का कल्याण होता है। यह कथा सम्पूर्ण कथा जीव के कल्याण की कथा है।