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पालिका 8 महीने में नहीं बांट पाया डस्टबिन

3 वर्ष पहले
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नगर पालिका की बदहाल व्यवस्था से शहरी क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। चौक चौराहों और मक्कड़ में कचरों को नहीं रखने की हिदायत के बाद भी शहरवासियों द्वारा धड़ल्ले से कचरा डंप किया जा रहा है वही डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने के लिए आई डस्टबिन को नगर पालिका 8 माह बीतने के बाद भी बांटा नहीं है।

नगरपालिका प्लेंसमेंट के नाम पर दर्जन भर से अधिक कर्मचारियों को नगर पालिका मानदेय देती है किंतु ये कर्मचारी अधिकारियो और नेताओँ के घरो पर घरेलू काम कर रहे है। इस कारण से स्वच्छता के नाम पर आया फंड़ को सिर्फ कागजों पर खर्च कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दिया जा रहा है। चौक चौराहों पर कचरों का ढ़ेर लगा हुआ है। इस संबंध में जब सारंगढ़ नगर मे कई चौक चौराहों का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि कई मोहल्ले में अभी तक डस्टबिन का वितरण नहीं किया गया है, जबकि स्वच्छ सारंगढ़ का पहला काम डस्टबिन का वितरण होना था किंतु निष्क्रिय सीएमओ और अधिकारी के साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधि नगर पालिका अध्यक्ष का रवैया स्वच्छ सारंगढ़ के प्रति शून्य ही है। सारंगढ़ नगर पालिका प्रदेश में 70 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है किंतु नगर पालिका के द्वारा स्वच्छ भारत के तहत डस्टबिन वितरण का कार्य कर्मचारियों की कमी का बहाना के नाम से पूर्ण नहीं हो पा रहा है।

वही सबसे बड़ी समस्या नगर पालिका सीएमओ खेलकुमार पटेल का सारंगढ़ में स्थायी रूप से नहीं ं रहना है। सप्ताह में दो से तीन दिन ही सीएमओ सारंगढ़ मुख्यालय में रहते है जबकि एक अधिकारी बरमकेला से ही आना जाना कर रहे है। जिसके कारण से शहर का निरीक्षण का कार्य अधिकारी कर ही नही रहे है जिससे कागजों पर सारंगढ़ स्वच्छ और साफ हो गया है।

नहीं बंटने से पारिका परिसर में डस्टबिन खराब हो रही हैं। सफाई के अभाव में चौराहे पर नजर आ रहा कचरा।

नाली फैला रही बीमारी

सारंगढ़ नगर मे दूषित पानी के कारण से पीलिया और उल्टी दस्त के प्रकोप से 300 से अधिक शहरवासी बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचा पाए। 100 से अधिक मरीजों को रायगढ़ रैफर किया गया, जिनके इलाज में परिजनों को लाखों रुपए का खर्च आया, किंतु पालिका बजबजाती नाली और दूषित पानी को ठीक करने के लिए नगर पालिका के पास कोई उपाय नहीं है।

21 गांव में सफाई शून्य

नगर पंचायत को 21गांवों को जोड़कर नपा बनाया गया है।किंतु नये जुड़े 21 गांवों में सफाई शून्य है। पुराने नगर पंचायत क्षेत्र को ही पालिका संहाल नहीं पा रही है वही नए जुड़े क्षेत्रों के लिये कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं है। वार्ड वासियों द्वारा कई बार नगर पालिका में शिकायत की। पार्षदों व अध्यक्ष से भी गुहार लगाई पर यहां पानी की समस्याएं दूर नहीं हो रही है।

बांटने के लिए मांगने पर भी नहीं मिलता डस्टबिन

सफाई व्यवस्थाओं के लिए हमारे द्वारा पूरी प्रयास की जा रही है। रही बात वार्डों में पानी की समस्या तो सुबह-शाम कर्मचारियों को पानी टैंकर ले जाने का भी आदेश दिया जा चुका है और साथ ही वार्डों में बंद हैंडपंप एवं बोरवेल ओं को भी रिपेयरिंग का भी कार्य जारी है । \\\'\\\' अमित अग्रवाल अध्यक्ष नगर पालिका सारंगढ

मेरे वार्ड के साथ 12 वार्डों में भी डस्टबिन ओं की विवरण नहीं हो पाई है इसी के साथ अन्य वार्डों में भी विवरण नहीं किया गया है। हमारे द्वारा कई बार बैठक एवं अधिकारी को डस्टबिन की मांग की गई थी, उनके द्वारा यही जवाब मिलता है कि जल्द ही देने की बात करते हैं और आज तक डस्टबिन नहीं दिया गया।\\\'\\\' राम अवतार यादव वार्ड पार्षद 11सारंगढ

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