प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे है। सारंगढ ब्लाक के लगभग हर गांव में पीएम आवास की योजना संचालित है, लेकिन इस योजना में भी कुछ सरपंचों की दबंगई से परेशान ग्रामीण जनपद के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
ताजा मामला ग्राम कोसीर निवासी 50 वर्षीय कार्तिक राम को वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान स्वीकृत हुई थी। जिसके निर्माण करने प्रथम किस्त जिला पंचायत से पास कर दिया गया, लेकिन कार्तिक राम के आवास का कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। ग्राम सरपंच ही कार्तिक राम के आशियाने में रोड़ा बन गया। कार्तिक राम ने इसके लिए सारंगढ़ जनपद सीईओ के समक्ष पत्र के माध्यम से अपनी समस्या जाहिर की है।
उन्होंने बताया कि उसे प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए शासन ने स्वीकृति दे दी है, बावजूद इसके सरपंच के दबंगई एवं शासन के नीति के कारण उससे भी वंचित किया जा रहा है। जिसके लिए उसने जनपद सीईओ से गुहार लगाई है। सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने कहा कि कार्तिक राम के पास अन्य जमीन नहीं है वह अपने उसी कच्चे के मकान को तोड़ कर प्रधानमंत्री आवास बनाना चाह रहा है, लेकिन शासकीय भूमि होने के कारण स्वीकृत आवास को बनाने में दिक्कत आ रही है।
हालांकि कार्तिक राम को प्रधानमंत्री आवास बनाने स्वीकृति मिल गई है तो उसके लिए कुछ न कुछ निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया जा रहा है।