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93 लाख 45 हजार रुपए से बनेगी जिले के पहले लीड काॅलेज की सुरक्षा दीवार

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | आगर-मालवा

जिले के सबसे पहले लीड नेहरू शासकीय पीजी काॅलेज में 93 लाख 45 हजार रुपए की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। सारंगपुर रोड पर बड़ा गणेश मंदिर के सामने काॅलेज के आसपास बाउंड्रीवाल नहीं होने का मुद्दा भास्कर ने पहले उठाकर जन प्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था। शासन स्तर से हाल ही में उक्त राशि इस सुरक्षा दीवार को बनाने के लिए स्वीकृत हो गई है।

पहले यह स्नातकोत्तर महाविद्यालय वर्तमान में जहां कलेक्टोरेट है, वहां लगता था। भवन पुराना होने के साथ ही इसके कई कमरे जर्जर हो चुके थे। तब सारंगपुर मार्ग पर नया काॅलेज भवन बनाने की कवायद शुरू हुई। 2012 में नए भवन में काॅलेज लगना शुरू हो गया। 94 लाख 83 हजार रुपए से बनाए गए इस भवन में पहले वर्ष केवल वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय की ही कक्षाएं लगती थी। प्राचार्य कक्ष व आर्ट तथा साइंस की क्लासें पुराने भवन में ही लगती रही। 2013 से ये कक्षाएं भी नए भवन में लगने लगी। नए भवन में काॅलेज चालू होने के साथ ही समय-समय पर इसके आसपास बाउंड्रीवाल बनाए जाने की मांग होती रही।

महाविद्यालय को उच्चशिक्षा विभाग ने 3 फरवरी- 2018 को लीड काॅलेज का दर्जा दिया है। जिले में यह ही ऐसा एकमात्र सरकारी काॅलेज है, जहां स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई की सुविधा है। काॅलेज के सभी संकायों को मिलाकर करीब 2100 विद्यार्थी पढ़ते हैं। जबकि हर वर्ष 1200 से 1500 के प्राइवेट छात्र-छात्राएं यहां परीक्षा देने आते हैं। काॅलेज में कुल सात प्राध्यापक हैं। इन्हीं में से एक डाॅ. पूर्णिमा गौड़ प्राचार्य का पदभार संभालती हैं। हर वर्ष 23 से अधिक अतिथि विद्वान यहां पढ़ाने आते हैं।

बाउंड्रीवाल बनने से काॅलेज आने वाले विद्यार्थी तथा प्रोफेसर व स्टाफ के लोगों के वाहन सुरक्षित रहेंगे। काॅलेज की जमीन पर अतिक्रमण नहीं हो पाएगा। काॅलेज के विद्यार्थी बारिश के दिनों में अन्य स्थानों पर जाकर पौधारोपण करते हैं, यह काम अब काॅलेज प्रांगण में ही कर सकेंगे। निकट भविष्य में यहां सुंदर बगीचे का निर्माण हो सकेगा। पर्याप्त मात्रा में हरियाली हो जाएगी। प्राकृतिक वातावरण में बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। 93 लाख 45 हजार रुपए की बाउंड्रीवाल बनाने का कार्य लोक निर्माण विभाग की पीआईयू शाखा द्वारा किया जाएगा। शीघ्र ही विभाग बाउंड्रीवाल बनाने का कार्य शुरू करने वाला है।

जिले के इस पहले लीड नेहरू पीजी कॉलेज के चारों ओर बनेगी बाउंड्रीवाल।

4 हैक्टेयर जमीन है काॅलेज की

काॅलेज को शासन ने 4.18 हैक्टेयर जमीन आवंटित की थी। काॅलेज भवन के आसपास बाउंड्रीवाल नहीं होने से कुछ लोगों ने इसकी जमीन पर अतिक्रमण भी कर लिया है। काॅलेज प्रबंधन राजस्व अधिकारियों से सीमांकन की पहले भी मांग कर चुका है। गत दिनों महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सुशील कटारिया ने तहसीलदार मुकेश सोनी से सीमांकन करवाए जाने का आग्रह किया था। काॅलेज प्रबंधन चाहता है कि बाउंड्रीवाल बनने के पूर्व सीमांकन हो जाए।

जल्द ही बाउंड्रीवाल निर्माण की प्रकिया शुरू हो जाएगी

नेहरू काॅलेज के आसपास बाउंड्रीवाल नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। भवन एवं वाहनों की सुरक्षा भी नहीं हो पाती थी। मेरे द्वारा लंबे समय से बाउंड्रीवाल बनवाए जाने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में मैंने उच्चशिक्षा मंत्री को मांग पत्र भी दिया था। जल्द ही बाउंड्रीवाल निर्माण की प्रकिया शुरू हो जाएगी। गोपाल परमार, विधायक एवं जन भागीदार समिति अध्यक्ष।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा

भास्कर ने गत दिवस काॅलेज बिल्डिंग के आसपास बाउंड्रीवाल नहीं होने का समाचार प्रकाशित करके विधायक गोपाल परमार जो काॅलेज की जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष भी हैं, उनका भी ध्यान आकर्षित किया था। विधायक परमार ने बाउंड्रीवाल शीघ्र बनवाए जाने की बात कही थी।

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