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3 साल में भी पूरा नहीं हो पाया नगर में कन्या हायर सेकंडरी स्कूल खोलने का वादा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | सारंगपुर

तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका चुनाव के समय सारंगपुर में भाजपा का प्रचार करने आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रेल्वे स्टेशन के सामने स्थित रानी लक्ष्मीबाई हायर सेकंडरी स्कूल की छात्राओं की समस्याओं को सुनकर उनसे वादा किया था कि वे जिस स्थान पर पढ़ना चाहेंगी, वहां स्कूल की व्यवस्था कर दी जाएगी। यह आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं को लगा था कि अब उन्हें शहर से 5 किमी दूर पड़ने नहीं जाना पड़ेगा।साथ ही नेशनल हाईवे के अनियंत्रित ट्रैफिक के चलते दुर्घटनाओं की बनी रहने वाली संभावनाओं से भी मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने से कन्याओं की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री भी अपना वादा भूल गए हैं। स्कूली छात्राएं अब यह अवश्य कहती हैं कि मुख्यमंत्री का यह वादा भी चुनावी वादा साबित हुआ है।

शहर में ही स्कूल खोलने किया था वादा : अपने प्रचार के दौरान जब मुख्यमंत्री तारागंज से शहर में आते समय रेलवे स्टेशन के सामने बनाए गए कन्याशाला स्कूल के पास स्कूल की छात्राओं ने उन्हें रोक लिया था। जहां उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। इस पर मुख्यमंत्री ने छात्राओं को आश्वस्त कर भरोसा दिया था कि अगर आपको यहां समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो आपका स्कूल पुनः शहर में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा। लेकिन तीन साल में भी मुख्यमंत्री छात्राओं की समस्या को हल नहीं कर पाए।

क्या है समस्या

जिस स्थान पर स्कूल भवन बनाया गया है, वह स्थान सुनसान व जंगल वाले क्षेत्र मे हैं। कन्याओं का स्कूल होने के बाद भी भवन के आसपास बाउंड्रीवाल तक नहीं है। जिससे असामाजिक तत्वों का तो खतरा बना रहता है। वहीं स्कूल परिसर में जहरीले जीव जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। इसी के साथ स्कूल में अध्ययनरत 700 से अधिक छात्राओं को पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। सुविधाघर के नाम पर एक कमरे नुमा स्थान पर व्यवस्था कर रखी हैं, जो छात्राओंं के लिए पर्याप्त नहीं है। वहीं स्कूल परिसर भी खुला है, इस कारण सामने शिवधाम रोड पर मनचले खड़े रहते हैं। स्कूल भवन से ही लगकर एक नाला भी निकला हुआ है, जो बारिश के दिनों में पूर आ जाता है। जिससे नाले का पानी स्कूल मैदान में भर जाता है। इस कारण छात्राओ को भारी परेशानियां उठाना पड़ती हैं।

स्कूल जाने में छात्राओं को करना पड़ता है कई समस्याओं का सामना

हाईवे से गुजरते समय छात्राओं को जाम, दुर्घटना और भद्दी फब्तियों का करना पड़ता है सामना
नगर से 5 किमी दूर बने स्कूल की छात्राओं को होती है परेशानी।

खतरनाक ट्रैफिक के बीच जाती है छात्राएं
शहर से काफी दूर स्थित विद्यालय में जाने का एक मात्र मार्ग नेशनल हाईवे है। और इस मार्ग की यह हालत है कि इसका ट्रैफिक व जाम के कारण यात्रियों को भारी फजीहत हो जाती है। जाम के दौरान तो कन्याशाला से भी दूर तक वाहनों की लाइनें लगी रहती हैं।ऐसे में स्कूल जाने वाली छात्राएं जान जोखिम में डालकर जाती हैं। वहीं जाम के दाैरान लगी लाइनों में कई ड्रायवर, क्लीनर भी छात्राओं को फब्तियां कस देते हैं।

कृषि महाविद्यालय का भी खोखला वायदा
मुख्यमंत्री ने नगर आगमन के दौरान अपनी आमसभा में विशाल जन समुदाय के बीच सारंगपुर में कृषि महाविद्यालय खोलने का भी वादा किया था। लेकिन यह घोषणा भी तीन वर्ष में पूरी नहीं हुई। इस महाविद्यालय की प्रारंभिक तैयारियां फाइलों में भी नहीं हो सकी है

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