राजसत्ता के त्याग ने श्रीराम को भगवान बना दिया
सारंगपुर | संसार की विषय वासना एवं वस्तु की आशक्ति व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है। आदि अनादि काल से त्याग के कारण ही व्यक्ति महान बनता रहा है। श्रीराम राज सत्ता त्याग कर वन में गए, तो भगवान बन गए। यह बात शुक्रवार को गुलीवता मे चल रही श्री रामकथा के छठे दिन कथावाचक भगवान चैतन्य बापू ने उपस्थित श्रोताओं से कही।इस अवसर पर राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय, रामचंद्र दांगी, प्रदीप सादानी, मोहन सिंह सोलंकी, कैलाश जावरिया, राधेश्याम काका, कैलाश मामा, दुर्गेश सोमानी, सुमित सोनी, अशोक पुष्पद, सतीश गिरजे उपस्थित थे।