एसपी से शिकायत के बाद बगोदर थाना प्रभारी ने बगोदरडीह निवासी मामले की शिकायतकर्ता असमा खातुन को 5 हजार रुपए लौटा दिए। शनिवार शाम रुपए महिला को वापस मिल गया। हालांकि रुपए लौटाने पहुंचे थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा से महिला ने रुपए लेने से इनकार किया। आसमां खातुन ने साफ कहा कि आपसे पैसे नहीं ले सकती। चूंकि रुपए उसने छोटा बाबू नोशेर खान को दिए थे। थाना प्रभारी द्वारा यह कहने पर की उसी से लेकर वे रुपए लौटा रहे हैं, इसके बाद अासमां ने रूपये लिए। बताते चलें कि पुलिस प्रताड़ना और रिश्वतखोरी की शिकायत बगोदरडीह निवासी मां-बेटे असमां तथा शमशाद ने शुक्रवार को गिरिडीह पहुंच कर एसपी से की थी। एसपी ने मामले के बाबत बगोदर सरिया एसडीपीओ दीपक शर्मा को जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार और रविवार को एसडीपीओ ने मामले की जांच की।
आरोपी पुलिस अधिकारी से शनिवार को तथा शिकायतकर्ता मां-बेटे से रविवार को पूछ-ताछ की गई। बगोदर थाने के आरोपी पुलिस अधिकारी नोशेर खान से डीएसपी ने शनिवार को सरिया में पूछताछ की। डीएसपी ने बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने रिश्वत लेने से इनकार किया है। इधर शनिवार शाम रिश्वत राशि 5000 बगोदर थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा ने आरोपी को वापस लौटा दिए। थाना प्रभारी से पूछने पर कहा कि मामले को शांत कराने के लिहाज से उन्होंने पैसे दिए हैं। इधर डीएसपी ने कहा की रिश्वत लेने मामले की पुष्टि नहीं हुई। साजिश के तहत पुलिस अधिकारी को फ़ंसाने की कोशिश की गई है। साजिश कर्ता को चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा असमा खातून को शनिवार शाम 5 बजे 5000 लौटा रहे थे। उस वक्त महिला पैसे लेने से इंकार करती रही। मगर थाना प्रभारी ने बगोदर पूर्वी पंसस सुनील स्वर्णकार की मौजूदगी में पैसे वापस किये। पंसस सुनील ने कहा कि जांच लीपापोती हुई है। कहा कि यदि पुलिस जमादार नोशेर खान ने रिश्वत नही ली थी तो थाना प्रभारी रूपये लौटाने पर आखिर क्यों मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वापस की गई राशि के सारे साक्ष्य पेश करेंगे।
शिकायतकर्ता मां और बेटे।
क्या है पूरा मामला
बगोदरडीह निवासी शमशाद की प|ी बगोदर के कुदर गांव निवासी ने थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में कहा गया था की पति रखना नहीं चाहते हैं। इसी शिकयत पर पुलिस जमादार नौशेर खान 15 मई को आरोपी युवक को थाने पर बुलाया था। युवक का कहना था कि उसके अपसेन्ट में प|ी गर्भवती हुई और बच्चे को जन्म दी। इसलिए वह प|ी को नहीं रखेगा। पुलिस अधिकारी पर आरोप है की जबरन रखने का दबाव बना कर पिटाई की गई। थाने से छोड़ने के लिए 5 हजार लिए गए।
बड़ा बाबू ने लौटाया रुपया
इधर पीड़ित युवक की मां आसमां खातून ने कहा कि पुलिस निर्दोष बेटे को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जब छोटो बाबू को सच्चाई बताया तो धमकी दी गई कि इसे पेट्रोल छिड़ककर जला देंगे। दारोगा की इस धमकी से वह बहुत डर गई। इसके बाद वह दौड़ते-भागते थाना पहुंची। वहां जाकर काफी आरजू-विनती की लेकिन नहीं सुना। 10 हजार रुपए मांगा गया। लेकिन पास में जो 5 हजार रुपए थे वह दे दिया। इसके बावजूद परेशान किया जाने लगा तो एसपी से शिकायत की थी।