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आग फैलने से हो सकता था बड़ा हादसा

3 वर्ष पहले
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वेस्टर्न कोल फील्ड्स की खदानों में ब्लास्टिंग के लिए बारूद सप्लाई करने वाला मैग्जीन हाउस मंगलवार को सुबह तेज आग से चारों ओर से घिर गया। सूखे पत्तों और घास के कारण आस-पास तेजी से आग फैलने लगी।

आशंकित दुर्घटना को देखते हुए डब्ल्यूसीएल का अमला सक्रिय हुआ। पावर जनरेटिंग कंपनी और नगर पालिका की सारी दमकलों को इकट्ठा कर लिया। मगर, आग भभक रही थी। खतरे की बात यह थी कि मैग्जीन हाउस में 90 टन से ज्यादा विस्फोटक भरा हुआ था। यदि आग यहां तक पहुंच जाती तो बड़ी घटना हो जाती। 6 दमकलों ने 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

बैतूल-परासिया स्टेट हाईवे के किनारे राख डेम के पास डब्ल्यूसीएल ने सूनसान जंगल में मैग्जीन हाउस बनाया है। इससे डब्ल्यूसीएल अपनी सभी 6 भूमिगत खदानों को विस्फोटक देता है। इसके दो अलग-अलग हिस्सों में मैग्जीन रखे हुए हैं। मंगलवार सुबह 10.30 बजे मैग्जीन हाउस के पिछले हिस्से से आग भभकते दिखाई दी। यहां तैनात एकमात्र चौकीदार ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। आग को सामान्य मानकर अधिकारियों ने नपा की एक फायर ब्रिगेड बुलवाई, लेकिन 11.30 बजे तक तो आग ने भीषण रूप ले लिया। दोपहर 1 बजे आग मैग्जीन हाउस तक पहुंच गई। इसके बाद आनन-फानन में पावर जनरेटिंग कंपनी की 2, नगर पालिका की 2 और दो अन्य टैंकरों को बुलवाया। आग बुझाते हुए दो दमकलें 3 बार खाली हुईं। एहतियातन रेस्क्यू टीम को भी यहां तैनात कर दिया। इसके बाद आग बुझ सकी। घटना की जानकारी लगते ही सीजीएम उदय ए. कावले, एरिया पर्सनल मैनेजर राजेश नायर, छतरपुर के सब एरिया मैनेजर एके राय, एरिया प्रोग्राम आॅफिसर मौके पर पहुंच गए थे।

90 टन से ज्यादा बारूद से भरा सारनी के डब्ल्यूसीएल का मैग्जीन हाउस आग से घिरा, 6 दमकलों ने 5 घंटे में मुश्किल से पाया काबू

सारनी। डब्ल्यूसीएल के मैग्जीन हाउस से सटकर घास में लगी आग बुझाती दमकल।

आग लगती तो कुछ नहीं बचता, टनों से रखा था विस्फोटक

डब्ल्यूसीएल के मैग्जीन हाउस में सारा विस्फोटक सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन यदि आग यहां पहुंचती तो बड़ी घटना होती। दो हिस्सों में बंटे इस हाउस में शोभापुर वाले हिस्से में 44.50 टन तो सतपुड़ा वाले हिस्से में 45 टन विस्फोटक भरा था। इसके अलावा पीएस-5 10.50 टन, पीएस-3 भी करीब 10 टन भरा हुआ था। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं होता हादसा बड़ा होता।

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