एश हैंडलिंग सिस्टम खराब होने के कारण सतपुड़ा पावर प्लांट की 10 और 11 नंबर इकाई से निकलने वाली राख को अब डंपरों से बाहर फेंका जा रहा है। यहां से निकलने वाली राख को खुले डंपरों से स्टेट हाईवे से मैकनली भारती के यार्ड के पास डाला जा रहा है। डंपरों से राख उड़ने से लोग परेशान हैं।
पावर प्लांट के एश हैंडलिंग सिस्टम की गड़बड़ी के कारण अब आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। राख को खुले डंपरों से बाहर निकाला जा रहा है। बैतूल-परासिया-छिंदवाड़ा स्टेट हाईवे पर करीब डेढ़ किमी चलकर डंपर मैकनली भारत कंपनी के पुराने यार्ड में राख को खाली कर रहे हैं। इस दौरान पूरी सड़क पर राख उड़ रही है। इससे आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पावर जनरेटिंग कंपनी का अमला पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए राख को डेम में भेजने की बजाय यहां-वहां इकट्ठा कर रहे हैं। साइलों में पहले भी समस्या आई थी, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया। कंपनी के 30 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का काम ही राख निकासी का है। मगर निर्माण के बाद से यह बेहतर तरीके से काम नहीं कर रहा।