श्यामपुरा के दोनों राजकीय स्कूलों में स्टाफ की कमी से बाधित हो रही पढ़ाई
श्यामपुरा के ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में राजकीय कन्या मिडिल व राजकीय उच्च विद्यालय, ये दो ही स्कूल हैं, दोनों स्कूलों में ही स्टाफ की भारी कमी है। श्यामपुरा के राजकीय कन्या मिडिल स्कूल में संस्कृत, हिन्दी, सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान के एक-एक अध्यापक हैं। इसमें से हिन्दी अध्यापिका पूनम यादव एक महीने की छुट्टी पर हैं। इसके अलावा राजकीय उच्च विद्यालय में 6 से 10 तक के लिए जियोग्रॉफी, पीटीआई व विज्ञान विषय पर एक गेस्ट सहित केवल तीन अध्यापक नियुक्त हैं। इसके अलावा गणित, ड्राइंग, हिन्दी, संस्कृत व सामाजिक विज्ञान के पद खाली हैं। इसके अलावा लेक्चरर के 5 पद सृजित हैं, जिसमें से जियोग्रॉफी के पद पर शिक्षक सृजित है। जबकि हिन्दी, फिजिक्स, संस्कृत, अंग्रेजी व गणित विषय के पद रिक्त हैं। इसके अलावा मिडिल हेड व हाईस्कूल हेड के पद रिक्त हैं। शिक्षकों के ट्रांसफर करीब 6 माह पहले हुआ था, तब से लेकर अब तक कोई भी शिक्षक नहीं आया है, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
ये बना ग्रामीणों के गुस्से का कारण लोगों के अनुसार मंगलवार सुबह राजकीय मिडिल स्कूल के शिक्षक राजकीय उच्च विद्यालय में पहुंच गए। ग्रामीणों ने कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि अधिकारियों के आदेशानुसार वे उपरोक्त स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने जा रहे हैं। इस पर लोग गुस्से में आ गए और उन्होंने दोनों स्कूलों के अलग-अलग स्टाफ सदस्य पूर्ण करने की मांग करते हुए स्कूल की तालाबंदी कर दी और सड़क मार्ग पर धरना शुरू कर दिया।
धरने से पहले शिक्षामंत्री से बार-बार नियुक्ति की गुहार लगा चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि वे अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। इतना ही नहीं अध्यापकों की कमी को लेकर वे डीईओ व बीईओ से भी वे मिल चुके हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने 6 माह पूर्व डेपुटेशन कर अध्यापकों को भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई भी अध्यापक नहीं पहुंचा है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है।