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विद्यार्थियों-ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ सड़क पर दिया धरना, चार घंटे तक यातायात रहा बाधित
एक ओर तो ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। दूसरी ओर खंड के गांव श्यामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में 6 माह से शिक्षकों का इंतजार है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बेटियों को सड़क पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। मामले पर उच्चाधिकारियों के उदासीन रवैये से खफा विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का धैर्य आखिरकार मंगलवार को जबाव दे गया। सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल के गेट के सामने एकत्रित होकर विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही स्टाफ की नियुक्ति की मांग करते हुए स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस टीम ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके पर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। छात्राओं की मानें तो पिछले 6 माह से वे शिक्षकों का इंतजार कर रही हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के कारण कई दिनों से उनके स्कूल में अध्यापकों की कमी है। 6 घंटे बाद डीईओ मुकेश लावणियां वहां पहुंचे और उन्होंने कुछ शिक्षकों का डेपुटेशन भी किया। संबंधित खबर पेज-4 पर
दर्जनों छात्राएं हुईं बेहोश : धरने के दौरान गर्मी के कारण पूनम, तमन्ना, मोनिका, प्रियांशु, पिंकी व आशा सहित दर्जनों छात्राएं बेहोश हो गईं। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलवाई गई और उनको सतनाली सीएचसी में भर्ती करवाया गया। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि अगर उनकी बेटियों को कुछ बुआ तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग व सरकार की होगी।
लगभग 2 बजे एंबुलेंस से फिर धरने पर पहुंची छात्राएं : धरने पर बैठी बेहोश हुई छात्राओं को लगभग 2 बजे एंबुलेंस लेकर श्यामपुरा पहुंची तो वे फिर से ग्रामवासियों के साथ धरने पर बैठ गई। उधर, अध्यापकों की कमी पूर्ण करने के उपरांत लगभग 2:30 बजे धरना समाप्त हुआ और लगभग 4 घंटे बाद यातायात बहाल हुआ।
तालाबंदी के घंटेभर बाद भी विभागीय अाधिकारियों के न पहुंचने पर ग्रामीण हुए नाराज
लोगों ने लगभग 10:30 बजे सतनाली-बाढड़ा मुख्य सड़क मार्ग पर दिया धरना
लड़कियों की बिगड़ी तबीयत महिलाओं ने कहा- बेटियों को कुछ हुआ तो ठीक नहीं
इन शिक्षकों का हुआ डेपुटेशन: डीईओ मुकेश लावणियां ने बताया कि श्यामपुरा स्कूल में स्टाफ की कमी को देखते हुए उन्होंने सोहड़ी स्कूल से धूप सिंह को सामाजिक विज्ञान पद के लिए, बास सतनाली स्कूल से देवदत्त को गणित विषय के लिए तथा डालनवास से गंगेश शास्त्री को संस्कृत विषय के लिए सप्ताह में 4 दिन श्यामपुरा स्कूल के लिए डेपुटेशन किया है। इसके अलावा 65 वर्ष से कम आयु के शिक्षक जो पढ़ाने के इच्छुक हों, उनके लिए भी पोर्टल खुले हुए हैं। वे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और तब तक उनकी नियुक्ति होती है, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है।
तालाबंदी के 6 घंटे बाद पहुंचे डीईओ को सुनाई खरी-खोटी
स्कूल की तालाबंदी करने के लगभग 6 घंटे बाद डीईओ मुकेश लावणियां सीधे स्कूल पहुंच गए और लोग धरने पर बैठे रहे। इसके उपरांत डीईओ ने स्कूल में ही प्रतिनिधिमंडल को बुलवाया तो लोगों ने धरना स्थल पर ही आकर मिलने की बात कही। आखिरकार आधे घंटे बाद धरने स्थल पर पहुंचे डीईओ ने देरी के लिए माफी मांगी और जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्त की बात कही। इस पर महिलाओं ने कहा हमें आश्वासन नहीं शिक्षक चाहिए। आश्वासन तो आपने 6 माह पूर्व भी दिए थे, आज तक भी शिक्षक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आपके बस की बात नहीं हैं तो आप जा सकते हैं। इसके उपरांत उन्होंने स्थिति को देखते हुए मौके पर ही जिले के विभिन्न स्कूलों से अध्यापकों का डेपुटेशन सप्ताह में 4 दिन के लिए श्यामपुरा हाईस्कूल के लिए कर दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रामवासियों को बताया कि अगर कोई रिटायर्ड शिक्षक जिसकी उम्र 65 वर्ष से कम है स्कूल में पढ़ाने को तैयार हो तो आप नाम बताएं। पोर्टल खुला हुआ है, उनकी नियुक्ति हो जाएगी।