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दसवीं के टॉप 10 में महेंद्रगढ़ के 6 विद्यार्थी, जिनमें 4 लड़कियां

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | महेंद्रगढ़

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सोमवार 10वीं कक्षा परीक्षा परिणाम घोषित किया। बोर्ड के द्वारा घोषित इस परीक्षा परिणाम में प्रदेशभर में टॉप टेन में 6 बच्चे जिले के हैं। इसमें खास बात यह है कि प्रदेश के टॉप टेन में स्थान बनाने वाले इन छह बच्चों में चार लड़कियां हैं। इसके साथ ही जिले में लड़कियों का पास प्रतिशत भी लड़कों के मुकाबले ज्यादा रहा। दूसरे जिले के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर रहा।

बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के अंतर्गत जिले के विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले 13162 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। सोमवार बोर्ड द्वारा घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में 8595 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इससे जिलेभर का परीक्षा परिणाम 65.30 फीसदी रहा। यह प्रदेशभर में सभी जिलों में दूसरे स्थान पर था। प्रथम स्थान चरखी दादरी जिला रहा। इस जिला से 69.76 फीसदी विद्यार्थी पास हुए है। तीसरे नंबर पर रेवाड़ी जिला रहा। इस जिला से 64.25 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं।

दो बार बदले परिणाम, फिर भी दूसरे नंबर पर रहा महेंद्रगढ़

शिक्षा बोर्ड भिवानी ने दोपहर के समय 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया। उसमें चरखी दादरी से 68.39 फीसदी बच्चे पास दिखाए गए। दूसरे नंबर पर महेंद्रगढ़ से 65.30 फीसदी और तीसरे नंबर पर रेवाड़ी जिला से 62.71 फीसदी बच्चे पास दिखाए गए थे। शुरू में जारी किए गए परिणाम में महेंद्रगढ़ जिला से 13200 में से 8417 बच्चों को पास दिखाकर 63.77 प्रतिशत रिजल्ट दर्शाया गया। बोर्ड द्वारा जारी इस लिस्ट के करीब डेढ़ घंटे बाद दोबारा से जिले स्तर पर रिवाइज लिस्ट जारी की गई। दूसरी लिस्ट में महेंद्रगढ़ जिले का परिणाम 63.77 से बढ़कर परिणाम 65.30 फीसदी दिखाया गया।

परीक्षा परिणाम

65.30 फीसदी रहा

प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर रहा महेंद्रगढ़ जिला, 13162 विद्यार्थियों में से 8595 विद्यार्थी उत्तीर्ण

हरियाणा बोर्ड दसवीं का उत्कृष्ट रिजल्ट आने पर स्कूल में खुशी मनाते विद्यार्थी।

ये रहे हमारे जिले से टॉप में शामिल विद्यार्थी

परीक्षा परिणाम के घोषित टॉप टेन की मेधावी सूची में जिले के छह छात्रों ने अपना नाम दर्ज करवाया है। टॉप टेन में स्थान बनाने वाले इन छह विद्यार्थियों में से चार लड़कियां हैं।

प्रदेश में 3 स्थान

प्रदेश में 7वां स्थान

नारनौल भास्कर

 रेवाड़ी

98.8

%

494

500

प्रीति सिंह

पुत्री धर्म सिंह

पारस स्कूल सतनाली

490

500

नीकिता पुत्री मांगेराम

श्रीकृष्णा स्कूल भुंगारका

प्रदेश में 6वां स्थान

प्रदेश में 7वां स्थान

98.0

%

10

98.2

%

491

500

नेहा सिंह

पुत्री भीम सिंह

श्रीराम सीसे स्कूल भुंगारका

97.8

%

489

500

रोहित कुमार

पुत्र विनोद कुमार

शिक्षा भारती स्कूल नांवां

प्रदेश 10 वां स्थान

प्रदेश 10 वां स्थान

प्रदेश 10 वां स्थान

मंगलवार 22 मई , 2018

सेल्फ स्टडी ही सफलता की कुंजी : प्रीति

सतनाली मंडी |
मेहनत बेकार नहीं जाती है, यदि लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई की जाए तो सफलता मिलती है। यह कहना है दसवीं कक्षा में प्रदेशभर में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली प्रीति का। खंड के गांव जड़वा निवासी प्रीति बताती है कि उसने अध्यापकों के बताए हुए टिप्स और बिना कोचिंग कपर परीक्षा की तैयारी की। प्रीति का मानना है कि सेल्फ स्टडी ही सफलता की कुंजी है। स्कूल से एक्सट्रा क्लास खत्म होने के बाद वह घर पर पढ़ाई करती थी। इस दौरान जो डाउट आए उनको नोट किया और स्कूल में संबंधित अध्यापकों से उन्हें क्लियर किए। प्रीति के पिता धर्म सिंह एक किसान हैं। मां कमलेश देवी गृहिणी है। प्रीति दो भाई-बहन हैं। बड़े भाई प्रीतम ने गत दिनों 12वीं में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। प्रदेशभर में तीसरा स्थान आने की सूचना उसे स्कूल अध्यापकों से मिली। स्कूल चेयरमैन अमरनाथ सूरोलिया, प्राचार्य जगदीश सुरोलिया, संदीप शर्मा सहित स्टाफ सदस्यों ने उन्हें व उनके परिजनों को सम्मानित भी किया। प्रीति का कहना है कि उसके पास मोबाइल नहीं है। घर के यूज के लिए सिंपल फोन है। प्रीति ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती है।

97.4

%

97.4

%

487

487

500

500

यूगम वर्मा

पुत्र राकेश

यूगम वर्मा

पुत्र राकेश

बालाजी सीसे स्कूल भुंगारका

बालाजी सीसे स्कूल भुंगारका

97.4

%

487

500

प्रिया पुत्री

रविंद्र कुमार

गैलेक्सी सीसे स्कूल बवानियां

एकाग्रचित होकर पढ़ाई और होमवर्क में कभी कोताही नहीं बरती: युगम

बालाजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुंगारका के छात्र युगम पुत्र राकेश कुमार को दसवीं के परीक्षा परिणाम में दसवां स्थान मिला है। छात्र ने सफलता का श्रेय माता-पिता तथा स्कूल प्रबंधन को दिया है। युगम कुमार ने बताया कि कक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई थी। होमवर्क में कभी भी कोताही नहीं बरती। क्योंकि लिखकर पढ़ाई करने से याद करने में परेशानी नहीं होती। पढ़ाई के साथ खेलना व मनोरंजन करना नहीं छोड़ा। लेकिन पढाई के लिए 6-7 घंटे हमेशा निकाले हैं। उन्होंने कहा कि साइंस विषय से स्नातक उत्तीर्ण करुंगा। इसके बाद आईएएस बनकर राष्ट्र सेवा करने की इच्छा है।

5 घंटे की पढ़ाई ने दिलाई सफलता: नेहा

नांगल चौधरी |
प्रदेश स्तर पर 6ठा स्थान पाने वाली छात्रा नेहा ने सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों को दिया है। नेहा ने बताया कि दबाव में रहकर कभी पढ़ाई नहीं की। शेड्यूल से खेलना व घरेलू काम में भागीदारी बनाए रखी। स्कूल टाइम के अतिरिक्त 5 घंटे पढ़ाई की है। परीक्षा के दिनों में भी इसी शेड्यूल का अनुसरण किया है। स्कूल में अतिरिक्त कक्षा का प्रबंध किया गया था, जिस कारण रिविजन में परेशानी नहीं हुई। एकबार तो 491 प्राप्त होने की सूचना पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने इंजीनियर बनने की इच्छा जताई है।

6-7 घंटे पढ़ाई ने दिलाई सफलता : निकिता

छात्रा निकिता भुंगारका ने बताया कि परीक्षा के दौरान पढ़ाई की कोई विशेष प्लान नहीं बनाई। शिक्षकों के निर्देशानुसार 6-7 घंटे तक पढ़ाई की है। पढ़ाई के साथ खेलना व घरेलू कामकाज करना नहीं छोड़ा। जितना होमवर्क स्कूल से मिलता था, उसे कभी भी पेंडिंग नहीं रहने दिया। साइंस स्ट्रीम से स्नातक करने के बाद आईएएस की तैयारी करना लक्ष्य है। 500 में से 490 अंक मिलने की सूचना पर परिजन बेहद खुश हैं।

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