बाल संरक्षण को लेकर ग्राम पंचायतें गंभीर नहीं
आलनपुर स्थित त्रिनेत्र बाल गृह का बाल कल्याण समिति न्यायपीठ के सदस्य अब्दुल जब्बार ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग तथा बाल अधिकारिता विभाग के निर्देशों के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल संरक्षण समिति का गठन पिछले वर्ष किया गया था। साथ ही प्रत्येक माह की 5 व 20 तारीख को बाल सभा का आयोजन करके ग्राम के पीड़ित, उपेक्षित, बेसहारा व बालश्रम के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। लेकिन ग्राम पंचायतों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। बालगृह के संचालक हरीश उपाध्याय, गृह अधीक्षक प्रदीप चतुर्वेदी ने भी बताया कि ग्राम पंचायतें बाल संरक्षण के मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिस कारण गांवों में बेसहारा, अनाथ बच्चें दर-बदर घूम रहे हैं। इसमें हर पंचायत में सरपंच को अध्यक्ष तथा ग्राम सचिव को सचिव बनाया गया है। साथ ही अन्य प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। न्यायपीठ सदस्य अब्दुल जब्बार ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ग्राम पंचायतों के प्रधान तथा विकास अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने तथा संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
बाल कल्याण समिति न्यायपीठ के सदस्य ने किया त्रिनेत्र बालगृह का निरीक्षण
जनसुनवाई में अधिकारियों को दिए समय पर समस्या समाधान के निर्देश
चौथ का बरवाड़ा| कस्बे में स्थित पंचायत सभागार में एसडीएम युगांतर शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ जनसुनवाई की। इस अवसर पर लोगों से प्राप्त समस्याओं को देखते हुए उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को समय पर समाधान के लिए निर्देशित किया। इस दौरान पानी व बिजली से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रही। एसडीएम ने जलदाय विभाग के अभियंताओं से गर्मी के दौरान जलापूर्ति सही रखने की बात कही। साथ ही चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों से भी आउटडोर की स्थिति की जानकारी ली। जनसुनवाई में उन्होंने सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों से जनता तक इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। कार्यक्रम में सरपंच शीतल पहाड़िया ने भी कस्बे की समस्या के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। इस दौरान कई लोग मौजूद थे।