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सवाई-पाली मार्ग का निर्माण शुरू करवाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि

3 वर्ष पहले
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मित्रपुरा. घाटानैनवाड़ी गांव के महायज्ञ में आहुतियां देते यजमान।

संसदीय सचिव ने भास्कर से खास मुलाकात में कहा

सवाई माधोपुर | मेरे लिए सवाई माधोपुर पाली मार्ग का काम जनता के साथ ईमानदारी से किया गया वादा है। पूरे चार साल इस काम के लिए मैने पूरी ईमानदारी से प्रयास किए है। इसी का नतीजा है कि आज सैकडों अड़चनों के बावजूद इसका काम शुरू हो गया है। इस सड़क मार्ग को बनाने के लिए जो संघर्ष मैने किया है वह मेरे राजनैतिक एवं व्यक्तिगत जीवन के अविस्मरणीय संस्मरणों में सदैव रहेगा, लेकिन मुझे इस बात की संतुष्टि है कि आज इस चुनौती को जीत कर इस मार्ग को काम मैने शुरू करवा कर जनता के साथ किया गया वादा पूरा करने की तरफ सफल कदम बढ़ा दिया है। यह बात शनिवार को खंडार के विधायक एवं संसदीय सचिव जितेंद्र गोठवाल ने भास्कर के साथ एक विशेष मुलाकात के दौरान साझा की।

शनिवार की शाम अचानक गोठवाल भास्कर कार्यालय पहुंचे। आज उनके चेहरे पर विजयी मुस्कान थी। इस मुस्कान के बारे में पूछने पर उन्होंने खिलखिलाते हुए जवाब दिया कि आज मैं खुद अपने प्रयासों से मिली सफलता की सुखद अनुभूति कर रहा हूं। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी इस खुशी को भास्कर के साथ साझा किया। गोठवाल ने बताया कि अपने क्षेत्र में इन चार सालों में न जाने कितने मार्गों का काम करवाया है। सरकार से पैसा लाना और उसके बाद उस काम को समय पर एवं सही तरीके से करवाना आसान काम नहीं है। जनता के बीच जाकर एक एक बात का जवाब देना पड़ता है, लेकिन सवाई माधोपुर से पाली मार्ग कहने को तो मात्र 34.7 किमी का था लेकिन इस में व्यवधान हर कदम पर था। मैं आज पहली बार बता रहा हूं कि इस अकेली सड़क के लिए मैंने केन्द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ 68 मुलाकातें की है। कई बार तो एक दिन में तीन बार भी मिला हूं। कई बार घंटों इंतजार के बावजूद उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी, लेकिन मैंने अपने क्षेत्र की जनता से वादा किया था और जनता के बीच से हर बार मुझसे यही पूछा जाता था कि सब छोड़ो इस मार्ग का क्या कर रहे हो। सच्चाई यह है कि मेरे पास जवाब हमेशा होता था, लेकिन जनता के सवालों एवं तीखे प्रहारों को शांत करने के लिए प्रमाण नहीं होता था, लेकिन आज मेरे पास जवाब भी है और प्रमाण भी। मेरे पास हर सवाल का जवाब अब इसके काम की प्रगति के रूप में मौजूद है। यह सही है कि अभी लोगों को यह दिख नहीं रहा है, लेकिन चंद दिनों में यह काम युद्ध स्तर पर होता दिखाई देकर अपना प्रमाण देगा।

गोठवाल ने बताया कि इस 34.7 किमी के मार्ग पर 8 पांच मीटर से ऊंचे फ्लाईओवर, 11 ब्रिजवर्क फ्लाईओवर एवं 13 कल्वट पाइप वाली पुलियाएं बनेगी। इसकी डीपीआर एवं डिजाइन बनकर तैयार है और काम के आदेश हो चुके हैं। इसी प्रकार इस काम के लिए जरूरी 189 करोड़ की राशि मंजूर हो कर हरी झंडी मिल चुकी है। इसके साथ ही ठेकेदार ने मिट्‌टी परीक्षण का काम लगभग पूरा कर लिया है। साथ ही मार्ग की लेबलिंग मेजरमेंट, मार्ग के किनारों एवं नालों में पानी के बहाव की ताकत के अनुमान का काम भी पूरा हो चुका है।

इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए जरूरी लगभग साढ़े चार हेक्टेयर जमीन का वन विभाग के अधिग्रहण का काम पूरा होने के साथ ही इस जमीन पर मार्ग बनाने में बाधक होने वाले 166 पेड़ों का काट कर जमीन साफ करने का काम पूरा हो चुका है। अगर बरसात ने समय दिया तो मार्ग की खुदाई एवं लेवलिंग के लिए जरूरी लेयर का काम युद्ध स्तर पर दिखाई देने लगेगा।

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