सवाई माधोपुर. राउमावि प्रांगण में श्रीराम कथा में कथा का श्रवण करते श्रद्धालु।
राउमावि प्रांगण में श्रीरामकथा का आयोजन
नसं | सवाई माधोपुर
शहर सवाई माधोपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (72 सीढ़ी) के मैदान में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक निर्मलरामजी महाराज द्वारा शुक्रवार रात को श्रीरामकथा का अमृतपान करवाया। श्रीरामकथा के दूसरे दिवस पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी कई लीलाओं के बारे में बताते हुए भक्ति का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि जब तक हृदय में प्रेम का, दया का प्रादुर्भाव नहीं हो, तब तक भगवत कथा का श्रवण करते रहना चाहिए। कथा प्रेम का दान भी देती है। जिसको भगवत कथा का रोग लग जाता है वो कभी नहीं छूटता है। कलयुग में भक्ति का सबसे सरल तरीका राम नाम का जाप करते रहना है। प्रत्येक व्यक्ति को भगवत भक्ति करने से पहले अपना अहंकार त्याग करना चाहिए। अहंकार के साथ भगवान की भक्ति नहीं हो सकती। मानव शरीर ही तप व भजन के लिए सबसे उत्तम है। तप व भजन करते हुए क्रोध व अहंकार से मुक्त रहना आवश्यक है। आयोजन से जुड़े रामबाबू गर्ग ने बताया कि 25 मई तक चलने वाली इस रामकथा का वाचन रात्रि 8 बजे से 10:30 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।