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कागजों में जिला हो गया ओडीएफ! हकीकत : आज भी सुबह कतार दिखती है खुले में शौच जाने वालों की

3 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत अभियान योजना के तहत सवाई माधोपुर जिले को यूं तो ओडीएफ जिला मार्च में ही घोषित कर दिया, लेकिन हकीकत में खुले में शौच से मुक्त होना दूर की कौड़ी दिखाई देता है।

क्या था जिले का लक्ष्य: सवाई माधोपुर जिले में दौ सौ ग्राम पंचायतें है। इन ग्राम पंचायतों में वर्ष 2012 में हुए सर्वे को बेस लाइन मानते हुए 1 लाख 86 हजार 600 घरों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। जिले के लक्ष्य की पूर्ति की लिए 209 करोड़ रुपए का बजट ग्रामीण क्षेत्र में शौचालय निर्माण के लिए आबंटित किया गया था।

कितनी हुई उपलब्धि

स्वच्छ भारत अभियान के जिला कॉर्डिनेटर बलवंत सिंह के अनुसार जिले मे 1 लाख 86 हजार 600 शौचालय निर्माण के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। जिले की सभी दौ सौ ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इनमें से अधिकांश पंचायतों को सितंबर 2017 में शौचालय निर्माण के बाद ऑनलाइन कर दिया गया था। जिले की सभी पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया है, लेकिन अभी 30-35 पंचायतें ऐसी है, जिनका अंतरजिला सत्यापन नहीं हुआ है। इनका अंतर जिला सत्यापन होने का कार्य भी शीघ्र भी करवाया जाएगा।

नहीं बने सामुदायिक शौचालय

जिले को ओडीएफ करने के गांवों में सामुदायिक शौचालय भी बनाने थे, लेकिन अभी तक पंचायतों में सामुदायिक शौचालय नहीं बन पाए है। ऐसे में खुले में शौच से मुक्त जिले का कार्य अभी केवल कागजी ही दिखाई दे रहा है। इस बारे में कॉर्डिनेटर का कहना है कि पंचायतों से सामुदायिक शौचालयों के लिए कोई मांग नहीं आई है, मांग आती है तो सामुदायिक शौचालय बनवा दिए जाएंगे।

पानी की कमी भी शौच से मुक्त नहीं होने का कारण

यूं तो शौचालयों का निर्माण हो गया, लेकिन गांवों में पानी की कमी भी खुले में शौच से मुक्त नहीं होने का एक बड़ा कारण है। गांवों में हाल यह है कि जहां पीने के लिए बाल्टी बाल्टी पानी को परेशान होना पड़ रहा है।

जिन घरों में शौचालय नहीं है, उनका सर्वे करवाया जाएगा: बलवंत सिंह

स्वच्छ भारत अभियान के जिला कॉर्डिनेटर बलवंत सिंह का कहना है कि जिले में लक्ष्य के अनुसार 1लाख 86 हजार 600 शौचालय का निर्माण हो चुका है। जिन घरों में शौचालय नहीं है, उनका सर्वे करवाया जाएगा। लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए अभियान चलाकर जागरूक किया जाएगा।

स्वच्छ भारत अभियान: अभी भी शौचालय से वंचित हंै कई परिवार

पानी की कमी भी खुले में शौच से मुक्त नहीं होने का एक कारण

कितना बजट मिला, कितना बकाया

जिले को ओड़ीएफ बनाने के लिए जिला परिषद के माध्यम से दौ सौ ग्राम पंचायतों में शौचालय बनवाने के लिए 209 करोड़ रुपए की स्वीकृति जिले को मिली थी। इसमें से 154 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। लगभग 54 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। इसे भी आनलाइन करने के कार्य के साथ ही किया जा रहा है।

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