सवाई माधोपुर |चांद के दीदार के साथ ही गुरुवार शाम से माहे रमजान शुरू हो गया। इशां की नमाज के बाद तरावीह की नमाज अदा की गई। शुक्रवार को पहला रोजा रखा जाएगा। इस बार भी सभी जगह 15 घंटे से अिधक वक्त का रोजा होगा, जिसमें रोजेदारों को भूखा और प्यास रहना पड़ेगा। सभी रोजेदार आज से भास्कर के जलमित्र होंगे क्योंकि उनकी भूख और प्यास ही दूसरों की प्यास का अहसास कराती है। शुक्रवार को इस्लामी हिजरी सन के इस 9 वें माह रमजान का पहला रोज़ा रखा जाएगा। रमजान माह शुरू होते ही जिलेभर में रोजे रखने वालों द्वारा अपने अपने तरीके से तैयारियां की है। मस्जिदों में भी नमाजियों के लिए तैयारी कर ली गई है। रोजेदार 44 डिग्री तापमान में पंद्रह घंटे से अधिक का रोजा रखेंगे।
आज से सभी रोजेदार भास्कर के जलमित्र...क्योंकि आपकी प्यास ही कराएगी दूसरों की प्यास का अहसास, तभी रुकेगी पानी की बर्बादी
पहला जुमा आज : 15 घंटे से ज्यादा लंबे होंगे रोजे
इफ्तार (शुक्रवार) : शाम 07:10 बजे, सहरी (शनिवार) : सुबह 3:56 बजे
सवाई माधोपुर शहर स्थित जामा मस्जिद।
सवाई शहर की मस्जिदों में विशेष व्यवस्था
रमजान के महीने का पहला जुमा शुक्रवार को होगा। इस अवसर पर दोपहर में मस्जिदों में हजारों की संख्या में नमाजी जुमे की नमाज अदा कर दुआएं मागेंगे।
रोजा, उपवास और व्रत रखने से कैसे होती है पानी की बचत
विद्याभवन उदयपुर के जल विशेषज्ञ अनिल मेहता का कहना है कि शरीर के बायोलिजिकल सिस्टम को ठीक रखने के लिए कम सेे कम 2 लीटर पानी चाहिए। प्रतिदिन स्वस्थ व्यक्ति को छह लीटर पानी पीना चाहिए। रोजा, उपवास और व्रत में वे दो लीटर पानी की बचत करते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा कम भोजन करने से पानी की बचत होती है। एक रोटी कम खाने से 40 लीटर पानी की बचत होती है क्योंकि गेहूं के प्राॅडक्शन में पानी खर्च होता है। जो भी खाद्य सामग्री बचती है। पानी बचता है।
इसलिए जरूरी है पानी बचाना... शहर व गांवों में पानी का संकट, पानी के लिए लग रही हैं कतारें
सवाई माधोपुर. पानी के लिए सिंगल फेज बोरिंग पर भीड़।