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22%पुलिस अफसरों व कार्मिकों के पद रिक्त

3 वर्ष पहले
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जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मूल रूप से पुलिस तंत्र पर होती है। इसके लिए पुलिस तंत्र का सबल एवं पर्याप्त होना जरूरी है। अगर जिले में कमजोर एवं जरूरत से कम पुलिस फोर्स एवं अधिकारी है, तो उसका सीधा प्रभाव कानून व्यवस्था एवं व्यवस्था में लगे सिस्टम पर पड़ता है। दूसरी तरफ जो लोग इस तंत्र में काम कर रहे हैं, उन पर हर समय मानसिक एवं शारीरिक दबाव रहने से काम एवं परिणाम प्रभावित होते हैं। अगर सवाई माधोपुर जिले में देखा जाए तो जिले मे लोगों को लगता है कि पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है, लेकिन सच्चाई यह है कि सरकार की अपनी व्यवस्था एवं आबंटित पदों के अनुपात में इस समय 22 प्रतिशत पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों का टोटा है। ऐसे में जिले में होने वाले अपराध की रोकथाम की जिम्मेदारी मात्र 88 प्रतिशत पुलिस पर ही है। कुल स्वीकृत 1369 पदों में से 302 पद रिक्त है।

बढ़ता क्राइम

जिले में कैसे लगे अपराधों पर अंकुश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक के पद भी चल रहे खाली

ऐसा पहली बार हुआ है कई सालों में

जिले की कमान चाहे पुलिस अधीक्षक के पास होती है, लेकिन उस कमान की सबसे अहम कड़ी एएसपी एवं डीएसपी होते हैं। जिले में कोई भी एसपी जब तक तनाव मुक्त होकर काम नहीं कर सकता है जब तक उसके अधिनस्थ अधिकारियों कि टीम उसके साथ काम नहीं करती है। ऐसे में सवाई माधोपुर जिले में पिछले छह माह से जिला मुख्यालय के एएसपी का पद रिक्त चल रहा है। इसी प्रकार लगभग एक साल से डीएसपी एसटीएससी का पद रिक्त है। आलम यह है कि डीएसपी सिटी ओमप्रकाश गौत्तम के बिना बताए गायब हो जाने के कारण वहां पर प्रशिक्षु डीएसपी की मदद से ही काम करवाना पड़ रहा है। एेसे में जिला मुख्यालय पर अगर दो डीएसपी की कमी एवं एक एएसपी का पद रिक्त होता होने के बाद मात्र एक डीएसपी ग्रामीण के अलावा कोई जुगाड़ नहीं है।

302 पद रिक्त: विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में एएसपी, डीवाईएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कानिस्टेबल व कानिस्टेबलों के कुल 302 पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें एक एएसपी, एक डीवाईएसपी, (एक डीवाईएसपी के बिना बताए गायब होने) 18 सब इंस्पेक्टर, 42 एएसआई, 8 हैड कानिस्टेबल एवं 232 कानिस्टेबल के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी 88 प्रतिशत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर है। रिक्त होने से थानों में कार्यरत पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है।

ये पद हंै स्वीकृत: पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 पुलिस उपाधीक्षक, 12 इंस्पेक्टर, 50 सब इंस्पेक्टर, 108 एएसआई, 158 हैड कानिस्टेबल एवं 1034 कानिस्टेबल के पद स्वीकत हैं। उक्त कुल 1369 स्वीकृत पदों में से 302 पद रिक्त है। इनमें एएसपी व डीवाईएसपी के रिक्त पद भी शामिल हैं।

24 घंटे दबाव: आमजन में पुलिस की चाहे जो छवी हो। यह भी सही है कि उस खराब छवी के पीछे कुछ सच्चाई है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि थानो पर रह कर हर समय काम के दबाव के साथ 24 घंटे पूरी जवाबदेही के साथ काम करना भी आसान नहीं है।

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