मुझे तो पाटीदार ने फंसाया, दुराचार करना चाहता था, मैंने मारा थप्पड़
बूंदी| एसीबी की चित्तौड़गढ़ टीम की ओर से बुधवार शाम बूंदी में जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार, आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित और उसके ड्राइवर रूपलाल को ढाई लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार िकया।
इसके बाद देरशाम इस घटनाक्रम में नया मोड़ आया। अपने ड्राइवर की मार्फत एक लाख रुपए की रिश्वत लेती अपने कार्यालय से गिरफ्तार आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित ने सवाई माधोपुर में तैनात सहायक आबकारी अधिकारी परमानंद पाटीदार पर फंसाने के साथ कई गंभीर आरोप लगाए। पाटीदार पहले बूंदी में ही आबकारी निरीक्षक थे, जो पदोन्नति के बाद सवाई माधोपुर कार्यालय में तैनात हैं। आबकारी निरीक्षक ने मीडिया के सामने आरोप लगाए कि पाटीदार ने उसे झूठा फंसाया। वह जब यहां था, तब उसने दुराचार का प्रयास किया था, मैंने उसे थप्पड़ जड़ा था।
आरोप वाहियात, सवा साल से मैंने कभी उससे बात तक नहीं की, झूठ बोल रही है
सवाईमाधोपुर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी परमानंद पाटीदार ने आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित के दुराचार और फंसाने जैसे आरोपों को वाहियात करार दिया। उन्होंने कहा कि उसके दिमाग में मेेरे खिलाफ फोबिया है। थप्पड़ मारने की बात सरासर झूठी है। उसने 5-7 ब्लेकियों को अपना खास बना रखा था, जो मेरे दुश्मन थे, उनकी राय पर ही वह चलती थी।