सीसवाली में नलों में कीड़े आने के मामले में अधिकारियों ने कहा- उपभोक्ता अपनी लाइनों को दुरुस्त कराएं
कस्बे में की जा रही पानी की सप्लाई में निकल रहे कीड़ों के मामले में पीएचईडी अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को ही जिम्मेदार ठहराया है। वहीं अपनी लापरवाही से पल्ला झाड़ते हुए उपभोक्ताओं से लाइनें दुरुस्त कराने की बात कही।
दैनिक भास्कर में मंगलवार को प्रकाशित खबर देखकर उपभोक्ताओं के घर पहुंचे पीएचईडी के कर्मचारियों ने उल्टा उपभोक्ताओं को ही सलाह दी है कि वे नलों की लाइनों को ठीक कराएं व नालियों से निकल रही लाइनों को हटाएं। उपभोक्ता कमल वैष्णव व सूरजमल छीपा के घर की महिलाओं से कहा कि पानी के बर्तनों में पहले से ही कीड़े होंगे। जबकि सहायक अभियंता कमलेश सैनी ने फोन पर बताया कि उन्होंने लाइनें चेक कर ली हैं व टंकियों की सफाई नियमित करवाई जाती है। उधर गायत्री मंदिर के आसपास पाइप लाइन पिछले एक महीने से फूटी पड़ी है। जिसका पानी सप्लाई के समय सड़क पर बहता रहता है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि पाइन लाइनों का रख-रखाव ठीक नहीं होने से कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है। कर्मचारियों से कहने पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है और कई बहाने बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जबकि टनाटन गणेश मोहल्ला, ब्रह्मपुरी मोहल्ला, कुम्हारों की टेक, कलाल मोहल्ला आदि जगह पर पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही है। गर्मी में तो समस्या विकट हो जाती है। सहायक अभियंता ने फ्लोराइड की अत्यधिक मात्रा की समस्या को भी नकार दिया और विभागीय मानक के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी की सप्लाई की बात कही। वहीं कस्बे में पर्याप्त पानी की सप्लाई के लिए सोनवा परियोजना के पूर्ण होने तक इंतजार करने की बात कही। जबकि कस्बे में पांच से सात ट्यूबवेलाें से टंकियां भरकर सुबह दो घंटे सप्लाई दी जा रही है। जिससे कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है।