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सरकारी खरीद केंद्र पर अव्यवस्था, आठ दिन से किसान कर रहे गेहूं की तुलाई का इंतजार

3 वर्ष पहले
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कस्बे में स्थित कृषि उपज मंडी के सरकारी खरीद केंद्र पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने से गेहूं की तुलाई एवं उठाव समय पर नहीं हो रहा है। इसके चलते किसान परेशान है। मंडी परिसर में पानी, छाया तथा खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं है।

किसानों ने मंडी प्रशासन पर उचित व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अनिल मालव एवं भुगतान प्रभारी समयसिंह मीणा ने बताया कि किसानों के लिए उचित व्यवस्थाएं करने के लिए मंडी प्रशासन एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित में सूचना आठ-दस दिन पहले ही दी जा चुकी हैं। किसान बिना पूर्व सूचना के ही जबरदस्ती मंडी परिसर में माल की ढेरियां लगा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 1.6 प्रतिशत के हिसाब से 26 से 31 मार्च तक 2 लाख 96 हजार 254 रुपए मंडी प्रशासन को टैक्स के रूप में दिए जा चुके हैं, लेकिन यहां कोई सुविधाएं नहीं दी गई हैं। यहां तक कि अन्नपूर्णा भोजन स्टाल की मांग करने के बावजूद यहां अन्नपूर्णा रसोई वैन नहीं भेजी गई है। उन्होंने बताया कि कांटे पर रोजाना 10 से 12 हजार कट्टों की तुलाई की जा रही है।

उधर, मदनलाल नागर, मुकेश नागर, धनराज नागर ने बताया कि अभी तक एक से 500 तक के टोकन नंबर के किसानों का माल भी नहीं तुल पाया है। वह आठ दिन से माल लेकर मंडी में पड़े हुए हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि हेंडलिंग एजेंट केवल चहेतों का माल तुलवा रहे हैं। नायब तहसीलदार सीताराम मीणा, कानूनगो बंशीलाल, पटवारी राधेश्याम, पुष्पेंद्र ने गुरुवार रात को पुलिस के साथ मंडी का दौरा कर व्यवस्था को रात 10 बजे तक ठीक करने की कोशिश की। नायब तहसीलदार ने कहा कि किसानों के माल की तुलाई वरीयता क्रम के अनुसार ऑफलाइन टोकन देकर की जाए तथा बिना पूर्व सूचना के मंडी में किसी का माल अंदर नहीं आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोमवार से सबसे पहले 1 से 1000 तक के टोकन नंबर वाले किसानों का ही माल तौला जाएगा। मंडी परिसर में लगे सरकारी खरीद केंद्र पर 25 से 30 गांवों के किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं।

बैठक में किसान हितों पर चर्चा: बिजोरा. रसखेड़ा में शुक्रवार को किसान संगठन के सदस्यों की बैठक निजी आवास पर हुई। आसकरण मीणा ने सरकार पर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया। सरकार की गलत नीतियों से किसानों पर कर्जे का बोझ बढ़ता जा रहा है। बैठक में भवानीशंकर मीणा, बीरबल सुमन, पुष्पेंद्र मीणा, माधोलाल सुमन, बंटी रसखेड़ा, पदम नागर, महेश प्रजापति, जितेंद्र मेरोठा, हरिओम टारडा, गोविंद मेरोठा, धनराज मीणा मौजूद रहे।

सीसवाली. खरीद केंद्र पर तुलाई का इंतजार करते किसान।

भास्कर न्यूज| सीसवाली

कस्बे में स्थित कृषि उपज मंडी के सरकारी खरीद केंद्र पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने से गेहूं की तुलाई एवं उठाव समय पर नहीं हो रहा है। इसके चलते किसान परेशान है। मंडी परिसर में पानी, छाया तथा खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं है।

किसानों ने मंडी प्रशासन पर उचित व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अनिल मालव एवं भुगतान प्रभारी समयसिंह मीणा ने बताया कि किसानों के लिए उचित व्यवस्थाएं करने के लिए मंडी प्रशासन एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित में सूचना आठ-दस दिन पहले ही दी जा चुकी हैं। किसान बिना पूर्व सूचना के ही जबरदस्ती मंडी परिसर में माल की ढेरियां लगा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 1.6 प्रतिशत के हिसाब से 26 से 31 मार्च तक 2 लाख 96 हजार 254 रुपए मंडी प्रशासन को टैक्स के रूप में दिए जा चुके हैं, लेकिन यहां कोई सुविधाएं नहीं दी गई हैं। यहां तक कि अन्नपूर्णा भोजन स्टाल की मांग करने के बावजूद यहां अन्नपूर्णा रसोई वैन नहीं भेजी गई है। उन्होंने बताया कि कांटे पर रोजाना 10 से 12 हजार कट्टों की तुलाई की जा रही है।

उधर, मदनलाल नागर, मुकेश नागर, धनराज नागर ने बताया कि अभी तक एक से 500 तक के टोकन नंबर के किसानों का माल भी नहीं तुल पाया है। वह आठ दिन से माल लेकर मंडी में पड़े हुए हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि हेंडलिंग एजेंट केवल चहेतों का माल तुलवा रहे हैं। नायब तहसीलदार सीताराम मीणा, कानूनगो बंशीलाल, पटवारी राधेश्याम, पुष्पेंद्र ने गुरुवार रात को पुलिस के साथ मंडी का दौरा कर व्यवस्था को रात 10 बजे तक ठीक करने की कोशिश की। नायब तहसीलदार ने कहा कि किसानों के माल की तुलाई वरीयता क्रम के अनुसार ऑफलाइन टोकन देकर की जाए तथा बिना पूर्व सूचना के मंडी में किसी का माल अंदर नहीं आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोमवार से सबसे पहले 1 से 1000 तक के टोकन नंबर वाले किसानों का ही माल तौला जाएगा। मंडी परिसर में लगे सरकारी खरीद केंद्र पर 25 से 30 गांवों के किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं।

बैठक में किसान हितों पर चर्चा: बिजोरा. रसखेड़ा में शुक्रवार को किसान संगठन के सदस्यों की बैठक निजी आवास पर हुई। आसकरण मीणा ने सरकार पर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया। सरकार की गलत नीतियों से किसानों पर कर्जे का बोझ बढ़ता जा रहा है। बैठक में भवानीशंकर मीणा, बीरबल सुमन, पुष्पेंद्र मीणा, माधोलाल सुमन, बंटी रसखेड़ा, पदम नागर, महेश प्रजापति, जितेंद्र मेरोठा, हरिओम टारडा, गोविंद मेरोठा, धनराज मीणा मौजूद रहे।

भास्कर न्यूज| सीसवाली

कस्बे में स्थित कृषि उपज मंडी के सरकारी खरीद केंद्र पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने से गेहूं की तुलाई एवं उठाव समय पर नहीं हो रहा है। इसके चलते किसान परेशान है। मंडी परिसर में पानी, छाया तथा खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं है।

किसानों ने मंडी प्रशासन पर उचित व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अनिल मालव एवं भुगतान प्रभारी समयसिंह मीणा ने बताया कि किसानों के लिए उचित व्यवस्थाएं करने के लिए मंडी प्रशासन एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित में सूचना आठ-दस दिन पहले ही दी जा चुकी हैं। किसान बिना पूर्व सूचना के ही जबरदस्ती मंडी परिसर में माल की ढेरियां लगा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 1.6 प्रतिशत के हिसाब से 26 से 31 मार्च तक 2 लाख 96 हजार 254 रुपए मंडी प्रशासन को टैक्स के रूप में दिए जा चुके हैं, लेकिन यहां कोई सुविधाएं नहीं दी गई हैं। यहां तक कि अन्नपूर्णा भोजन स्टाल की मांग करने के बावजूद यहां अन्नपूर्णा रसोई वैन नहीं भेजी गई है। उन्होंने बताया कि कांटे पर रोजाना 10 से 12 हजार कट्टों की तुलाई की जा रही है।

उधर, मदनलाल नागर, मुकेश नागर, धनराज नागर ने बताया कि अभी तक एक से 500 तक के टोकन नंबर के किसानों का माल भी नहीं तुल पाया है। वह आठ दिन से माल लेकर मंडी में पड़े हुए हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि हेंडलिंग एजेंट केवल चहेतों का माल तुलवा रहे हैं। नायब तहसीलदार सीताराम मीणा, कानूनगो बंशीलाल, पटवारी राधेश्याम, पुष्पेंद्र ने गुरुवार रात को पुलिस के साथ मंडी का दौरा कर व्यवस्था को रात 10 बजे तक ठीक करने की कोशिश की। नायब तहसीलदार ने कहा कि किसानों के माल की तुलाई वरीयता क्रम के अनुसार ऑफलाइन टोकन देकर की जाए तथा बिना पूर्व सूचना के मंडी में किसी का माल अंदर नहीं आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोमवार से सबसे पहले 1 से 1000 तक के टोकन नंबर वाले किसानों का ही माल तौला जाएगा। मंडी परिसर में लगे सरकारी खरीद केंद्र पर 25 से 30 गांवों के किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं।

बैठक में किसान हितों पर चर्चा: बिजोरा. रसखेड़ा में शुक्रवार को किसान संगठन के सदस्यों की बैठक निजी आवास पर हुई। आसकरण मीणा ने सरकार पर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया। सरकार की गलत नीतियों से किसानों पर कर्जे का बोझ बढ़ता जा रहा है। बैठक में भवानीशंकर मीणा, बीरबल सुमन, पुष्पेंद्र मीणा, माधोलाल सुमन, बंटी रसखेड़ा, पदम नागर, महेश प्रजापति, जितेंद्र मेरोठा, हरिओम टारडा, गोविंद मेरोठा, धनराज मीणा मौजूद रहे।

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