ध्यान ही सब रोगों को दूर करने की दवा है
ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ जीवन में ध्यान जरुरी है। इसलिए जीवन में मेडिटेशन को अनिवार्य अंग के रुप में इस्तेमाल करें। मेडिटेशन ही सब रोगों को दूर करने की दवा है। यह बात संत सतराम दास मिशन और सखी बाबा आसूदाराम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित अमर शहीद संत कंवरराम साहब की जयंती पर डॉ. सांई मनोहर लाल ने कही। कार्यक्रम भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में किया गया।
अमर शहीद संत कंवरराम साहब की जयंती के मौके पर समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सांई गोविंद सुनेजा, शिकारपुर सिंध के संत सांई चतुरलाल, गादीसर डॉ. सांई मनोहर लाल ने सत्संग सुनाया। उन्होंने कहा कि सत्संग में जाना तो लोगों का बढ़ गया है, लेकिन उस पर अमल करना कम होता जा रहा है। यही दुर्भाग्य का विषय है यदि सत्संग सुनकर उसकी राह पर मनुष्य चलना शुरु कर दें तो सही मायने में उसे जीना आ जाएगा। इसलिए अब ध्यान की जरूरत है। ध्यान से आप अपनी राह आगे बढ़ा सकते हैं। अमर शहीद संत कंवरराम साहब के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सदा अपने गुरु के वचनों पर अमल करते हुए धर्म की रक्षा लिए अपना बलिदान किया। इस अवसर पर इंदौर के संत गोविंद सुनेजा ने सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि घर परिवार और समाज में सुखी और निश्चित रहने के लिए सदा सकारात्मक सोचना चाहिए। सकारात्मकता से सोचने पर सुखद परिणाम आते हैं। इस मौके पर दीपक बेलानी, अमित संधानी, अनिल नेहलानी, शोभा ठक्कर, हरि मूलचंदानी, कांता जादवानी, हिमांशी असनानी, रीटा मूलचंदानी आदि उपस्थित थीं।
धर्म
अमर शहीद संत कंवरराम साहब की जयंती के मौके पर समारोह का आयोजन
मेडिटेशन के बारे में बताते हुए डॉ. मनोहर लाल।