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बाल विवाह कार्यक्रम में सेवा दी तो टेंट, प्रिंटर्स, ब्यूटी पार्लर, गार्डन, और पंडित पर भी होगी कार्रवाई
अक्षय तृतीय पर जिलेभर में विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान बाल विवाह रोकने के लिए जिला और ब्लाक स्तर पर महिला सशक्तिकरण विभाग ने टीम का गठन किया है। बाल विवाह कार्यक्रम में सहयोग देने वाले टेंट हाउस, प्रिंटर्स, ब्यूटी पार्लर, गार्डन, पंडित सहित अन्य इस शादी में सहयोग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी करना कानूनी अपराध है। प्रदेश में बाल विवाह शून्य करने को लेकर लाडो अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान बाल विवाह रोकने एवं जागरुकता बढ़ाने कार्यक्रम व पोस्ट बेनर के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इसके बाद भी बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, भाई-बहन, बाराती, सेवा देने वाले टेंट हाउस, प्रिंटर्स, ब्यूटी पार्लर, हलवाई, मेरिज गार्डन, घोड़ी वाले, बैंड-बाजा वाले, कैटर्स, धर्मगुरु, पंडित, समाज के मुखिया सहित अन्य लोगों को पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेल भी भेजा सकता है।
अच्छी खबर
अक्षय तृतीय पर बाल विवाह रोकने जिला और ब्लाक स्तर पर टीम का गठन
बाल विवाह कराने पर 2 साल सजा, एक लाख जुर्माना
बाल विवाह कराने पर माता-पिता सहित अन्य लोगों दो साल की सजा का प्रावधान है। साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। 18 अप्रैल को अक्षय तृतीय पर बाल विवाह रोकने के जिले व ब्लाक की टीम सक्रिय रहेगी।
बच्चों का दिमाग कमजोर होता है
जिला महिला सशक्तिकरण विभाग की संचालक रंजीता पटेल ने बताया कि कम उम्र में शादी करने पर उन बच्चों का विकास नहीं होता है। ऐसे में उनकी समझ कमजोर होने से उन्हें वेवाहिक जीवन में भी काफी परेशानी होती है। ऐसे समय में पूर्व बच्चे के जन्म होने पर प्रसूता की मौत का खतरा अधिक बना रहता है।