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675 रुपए क्विंटल तक बिक रही प्याज, किसानोंं को हो रहा नुकसान

3 वर्ष पहले
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प्याज की कम कीमतों से किसान को नुकसान हो रहा है। सब्जी मंडी में किसानों से 230 से लेकर 675 रुपए क्विंटल तक के भाव में प्याज खरीदी जा रही है। जबकि प्रति एकड़ किसानों को प्याज उगाने में करीब 30 हजार रुपए से अधिक का खर्च आता है। साथ ही प्रति एकड़ औसतन 25 क्विंटल प्याज निकल रही है। ऐसे में किसानों को प्रति हेक्टेयर करीब 15 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई कहां से करेंगे यह किसानों के समझ से परे हैं। सरकार ने प्याज का 800 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तो तय किया है। मंडी में किसानों से प्याज समर्थन मूल्य से भी कम रेट में खरीदी जा रही है। कम दाम में उपज बेचने पर किसानों को करीब प्रति एकड़ 15 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। किसानों सेमरा दांगी निवासी धरम सिंह दांगी का कहना है कि प्याज पिछले साल की तरह ही इस वर्ष भी खरीदी जाएगी, लेकिन सरकार ने भावांतर में शामिल कर दिया है। सेमली खुर्द के किसान राकेश मेवाड़ा का कहना है कि ओपन मंडी में प्याज की खरीदी के दौरान व्यापारी मनमानी करते हैं। इससे किसान परेशान होते हैं।

मंडी में प्रतिदिन औसतन 3 हजार क्विंटल हो रही प्याज की आवक

मंडी में प्याज के दाम मिल रहे कम।

पिछले साल डेढ़ लाख क्विंटल हुई थी खरीदी

पिछले साल सोसायटी में किसानों ने जिलेभर में एक लाख 51 हजार क्विंटल प्याज समर्थन मूल्य पर बेची थी। इसको लेकर किसानों ने इस बार भी पंजीयन कराया था, लेकिन प्याज के दाम नहीं मिलने से मंडी में भी आवक कम हो रही है।

क्वालिटी के हिसाब से की जाती है खरीदी

मंडी में व्यापारी बोली लगाकर प्याज की खरीदी कर रहे हैं। इस दौरान प्याज की क्वालिटी के आधार पर रेट निर्धारित होता है। इसके बाद भी यदि कोई दिक्कत है तो जांच कराएंगे। करुणेश तिवारी, मंडी सचिव सीहोर

प्याज बेचने के लिए 2700 किसानों ने कराया पंजीयन

प्याज बेचने के लिए मंडी में 2700 से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। मंडी में प्याज के दाम समर्थन मूल्य से भी कम मिल रहे हैं। मंडी में प्रतिदिन आवक औसत 2500 क्विंटल से 3100 क्विंटल तक हो रही है। मंडी में प्याज की खरीदी करने के लिए करीब 100 व्यापारियों ने अपना पंजीयन कराया है। इसके अलावा सब्जी मंडी में करीब 201 व्यापारी हैं।

कम दाम से प्रति एकड़ 15 हजार रुपए का हो रहा किसानों को नुकसान

चांदबड़ के किसान राजेश मेवाड़ा ने बताया कि प्याज को लगाने से उसके पकने तक करीब 32 हजार रुपए का खर्च आता है। इस खर्च से किसानों की प्रति एकड़ उपज औसतन 25 क्विंटलल निकल रही है। इसका हिसाब मंडी के सबसे अधिक दाम 675 रुपए प्रति क्विंट से भी जोड़े तो 25 क्विंटल का 16 हजार 875 रुपए निकल रहा है। ऐसे में 15 हजार 125 रुपए का नुकसान हो रहा है।

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