फोटो खींचकर डालेंगे एप पर, तब बनेगा बिजली का बिल
शहर के बिजली कंज्यूमर को अब मीटर रीडिंग गलत दर्ज होने के कारण बिजली बिल अधिक आने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल बिजली कंपनी ने मीटर के फोटोग्राफ खींचने के आदेश मीटर वाचकों को दिए हैं। मीटर वाचक ये फोटोग्राफ खींचकर एप पर डालेंगे। इस फोटोग्राफ में दर्ज रीडिंग के हिसाब से ही बिजली बिल बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शीघ्र ही शुरु होगी।
शहर में करीब 23 हजार बिजली कंज्यूमर हैं। इनकी मीटर रीडिंग लेने के लिए 17 मीटर वाचक हैं। ये मीटर वाचक घर-घर जाकर डायरी में रीडिंग लिखते हैं। कई बार मीटर रीडिंग सही ढंग से नहीं देख पाने और गलत दर्ज करने के कारण लोगों के बिजली बिल अधिक आ जाते हैं।
इस कारण बिजली कंपनी ने अब फोटोग्राफ के जरिए मीटर रीडिंग लिए जाने की नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत मीटर रीडिंग के फोटोग्राफ खींचना शुरू कर दिया है। अब इन्हें एप पर डाला जा रहा है। जिन मीटरों के फोटोग्राफ नहीं होंगे उनकी रीडिंग दर्ज नहीं मानी जाएगी।
शहर में 23 हजार कंज्यूमर, 5 करोड़ की बिलिंग : शहर में 23 हजार बिजली कंज्यूमर हैं। इनमें से 20 हजार घरेलू कनेक्शनधारी हैं और 3 हजार व्यवसायिक कंज्यूमर हैं। इनकी कुल बिलिंग हर महीने लगभग 5 करोड़ रुपए के आसपास होती है। कई बार लोग अधिक बिल आ जाने की शिकायतें दर्ज करते हैं। मीटर रीडिंग सही ढंग से नहीं लिखे जाने की शिकायत भी वे करते हैं।
योजना
पायलेट प्रोजेक्ट के तहत बिजली कंपनी ने बनाया प्लान, शीघ्र ही शहर में भी होगा शुरू
आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं मीटर वाचक
बिजली कंपनी ने मीटर रीडिंग लेने के लिए ठेके पर काम कर रहे मीटर वाचकों को लगाकर रखा है। ये आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। इनकी जिम्मेदारी भी सही ढंग से तय नहीं होती है। ऐसे में फोटोग्राफ से मीटर रीडिंग लिए जाने के साक्ष्य भी रहेंगे। ये फोटोग्राफ एप पर डाले जाने के बाद एप खुद ही रीडिंग दर्ज कर लेगा।
फोटो खींचने का काम शुरू कराना है
मीटर वाचकों को घरों में लगे मीटरों की रीडिंग के फोटोग्राफ खींचकर लाने के आदेश दिए जाएंगे। इससे मीटर रीडिंग गलत दर्ज हो जाने जैसी समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसके लिए प्लान बनाया गया है। पजन गंगेले, जेई बिजली कंपनी