फोरलेन के लिए काटे बांस, 3 माह बाद अब होगा निर्माण
अब नदी पुल के आगे का फोरलेन का काम फिर से शुरू हो जाएगा। पिछले तीन महीनों से यहां पर इस काम को इसलिए रोकना पड़ा था कि यहां पर मंदिर और दुर्लभ प्रजाति के कटंग बांस आ रहे थे। इसी तरह यहां पर रेशम विभाग का एक आफिस भी था। इसलिए इन्हें हटाना जरुरी था। अब बांसों को काटने का काम शुरु हो चुका है। इस तरह से कुछ ही दिनों में निर्माण एजेंसी इस बचे हुए फोरलेन को बनाने का काम शुरु कर देगी।
हाउसिंग बोर्ड से चौपाल सागर तक 8 किमी लंबे फोरलेन निर्माण का काम अभी बाकी बचा है। करीब 1.5 किमी का काम और बचा है जिसे पूरा करना है। निर्माण एजेंसी के समक्ष सबसे बड़ी समस्या गंगा आश्रम के हिस्से की थी जहां अभी काम चल रहा है। यहां पर कुछ अतिक्रमण ऐसे थे जिन्हें हटाया नहीं गया था। इन्हें हटाने के बाद यहां पर भी काम चल रहा है। इसी तरह कोलीपुरा तिराहे से सीवन नदी के पुल तक का काम पूरा होना है। उम्मीद की जा रही है।
दुर्लभ किस्म के कटंग बांसों को काटना पड़ा
8 किमी के फोरलेन के लिए दुर्लभ प्रजाति के बांसों को काटना पड़ा। कुछ बांस सीवन नदी के पास भी थे जिन्हें काटा गया। इनके कारण भी काम रुका हुआ था। इसके पहले आफिसर्स कालोनी से इंदौर नाका तक के सभी बांसों को काटा गया था। तब जाकर यहां पर फोरलेन का निर्माण किया जा सका। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर गोपाल राय ने बताया कि अब बहुत कम काम बचा है। इस तरह इस काम को शीघ्र पूरा किया जाएगा। जहां पर काम रुका हुआ था वह भी शुरु करा दिया गया है।