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पानी की बर्बादी को माना जाएगा पब्लिक न्यूसेंस भवन निर्माण पर लगी रोक, वाशिंग सेंटर होंगे बंद

3 वर्ष पहले
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जलसंकट के कारण हालात दिनों-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए अब प्रशासन ने भी सख्त निर्णय लेते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए भवन निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यही नहीं शहर की सीमा में घर पर गाड़ियों और सड़कों को धोने सहित सभी सर्विस और वाशिंग सेंटर बंद करने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश के पालन कराने के लिए कोतवाली और मंडी पुलिस थाना पुलिस और नपा सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शहर में पांच दिन में एक बार नलों से पानी मिल पा रहा है जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक चल रहा है। ऐसे में लोगाें को कूलरों का उपयोग करना पड़ रहा है। गर्मी होने के कारण वैसे भी पानी की खपत अधिक होती है। पानी नहीं मिल पाने से लोगों को खरीदकर टैंकरों से पानी लेना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात और खराब होने की आशंका है जब काहिरी बंधान में बचा खुचा पानी भी पानी सूख जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजकुमार खत्री ने यह आदेश पारित किया है।

चार दिन बाद जमोनिया फिल्टर प्लांट का नंबर : जमोनिया तालाब में अब केवल 5 इंच व्यास के दबाव वाला पानी ही बचा है। इस पानी को भी नाली के माध्यम से फिल्टर प्लांट तक लाया जा रहा है। इस हिसाब से चार दिन तक और पानी यहां से मिलेगा। इसके बाद इस फिल्टर प्लांट को भी टैंकरों से भरा जाएगा। इस तरह से मंडी टंकी से पानी सप्लाई किया जाएगा।

संकट की ऐसी स्थिति : पांच दिन में हो पा रहा पानी सप्लाई, टैंकरों से हो रहा पानी का परिवहन

25 लाख लीटर यहां बचेगा : 1700 भवनों का किया जा रहा है निर्माण

शहर में अभी करीब 1700 मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से 1500 मकान तो प्रधानमंत्री आवास योजना में ही लोग बना रहे हैं। औसतन 25 लाख लीटर पानी इनके निर्माण पर खर्च होने का अनुमान है।

75 हजार लीटर से धोए जा रहे वाहन : 15 वाशिंग और सर्विस सेंटर : नगर में 15 सर्विस और वाशिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें भी औसतन प्रतिदिन 75 हजार लीटर पानी खर्च किया जा रहा है। इस तरह से करीब 5 हजार लीटर पानी लोग भी अपने वाहनों को धोने में खर्च कर रहे हैं।

25 लाख 80 हजार लीटर बचा सकेंगे पानी, आधे शहर में होगी सप्लाई : यदि इस आदेश का सही पालन हुआ और सख्ती की गई तो हर रोज 25 लाख 80 हजार लीटर पानी को बचेगा। इससे आधे शहर में पानी सप्लाई हो सकेगी।

30 जून तक इन चार कार्यों पर रहेगी पाबंदी

1 सीहोर नगर की सीमा में वाहनों को घर पर धाेने पर भी रोक लगा दी गई है। अब पानी से गाड़ियों को नहीं धो सकेंगे।

2 वाहनों के सर्विस और वाशिंग सेंटरों पर भी वाहन धोने पर रोक लगा दी गई है। इन सेंटरों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

पानी के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। टैंकर आने पर लग जाती हैं कतारें।

3 लोग जून माह तक घरों का निर्माण नहीं करा सकेंगे। घरों के निर्माण पर भी काफी पानी खत्म हो जाता है। इसे भी इस श्रेणी में लिया गया है।

4 कई लोग सुबह-सुबह घरों के आगे की सड़कों को धोने का काम भी करते हैं। इस पर भी सख्ती से पाबंदी लगाई गई है। अब इस तरह से पानी का अपव्यय नहीं किया जा सकेगा।

क्या है आदेश में

आदेश में कहा गया है कि - नपा सीएमओ ने सूचित किया है कि कुओं, हैंडपंपों, बोरवेल के पानी से लोग वाहनों सहित घरों, सड़कों को धो रहे हैं। लोग मकानों का निर्माण भी कर रहे हैं। इससे पानी का अनावश्यक रुप से अपव्यय किया जा रहा है। नगर में पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे आमजन और पशु, पक्षियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस कृत्य के कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। अत: पानी का अपव्यय रोकने की कार्रवाई की जाए।

बुधवार से भगवानपुरा फिल्टर प्लांट में भरेंगे पानी

बुधवार को भगवानपुरा तालाब के फिल्टर प्लांट को टैंकरों से भरा जाएगा। इसके बाद यहां से पानी सीधे पानी की टंकियों में सप्लाई किया जाएगा। इस तरह से नलों में पानी लोगों के घरों तक पहुंचेगा। अभी नगर पालिका 12 टैंकरों से फिल्टर प्लांट को भरने का काम करेगी।

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